Indian Cricket Team की तूती आज पूरे क्रिकेट जगत में बोलती है। भारतीय टीम ने अब तक 2 वनडे और 2 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। इसके अलावा भारत ही एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने दो बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच खेला है। इस बार फिर से भारतीय टीम इस दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है। लेकिन ये भी एक कड़वा सच है कि टीम हर वक्त अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकती है। खेल की दुनिया में यह बात अक्सर दोहराई भी जाती है। ऐसे में आज हम उसी पल की बात कर रहे हैं, जब टीम इंडिया को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा था और मामूली से स्कोर पर पूरी टीम ने अपने विकेट खो दिए थे। आइए भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट के इस शर्मनाक प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं।
टेस्ट क्रिकेट
भारतीय क्रिकेट टीम 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर टेस्ट क्रिकेट सीरीज खेल रही थी। पहला टेस्ट मैच ऐडिलेड के मैदान पर खेला गया था। इस मैच में पहली पारी में 50 से ज्यादा रनों की बढ़त लेने के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया बिखर गई थी। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज पैट कमिंस और जॉश हेजलवुड की धारदार गेंदबाजी ने किसी भी भारतीय बल्लेबाज को क्रीज पर संभलने नहीं दिया था। भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरी पारी में महज 36 रन पर 9 विकेट खो दिए थे। नंबर-10 पर बल्लेबाजी करने आए मोहम्मद शमी भी रिटायर्ड हर्ट हो गए थे और पूरी टीम 36 रन पर बिखर गई थी। इस मैच में भारत का कोई भी बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा नहीं छू पाया था।
वनडे क्रिकेट
कोका-कोला चैम्पियंस ट्रॉफी 2000-01 में टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच फाइनल मैच खेला गया था। शारजाह में खेले गए इस मैच में श्रीलंका के तूफानी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने अपनी विस्फोटक 189 रनों की पारी की मदद से टीम को 299 रन के स्कोर पर पहुंचाया था और भारत को जीत के लिए 300 रनों का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय क्रिकेट टीम को चमिंडा वास की कहर बरपाती हुई गेंद का सामना करना पड़ा। एक के बाद एक करके भारत के दिग्गज खिलाड़ी आउट होते चले गए। इस मैच में न सचिन तेंदुलकर चले, न सौरव गांगुली। भारत की पूरी टीम सिर्फ 26.3 ओवर में 54 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी।
2008-09 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर एकमात्र टी20 मैच खेल रही थी। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। विकेटों के पतझड़ के बीच टीम इंडिया 17.3 ओवर में 74 रन के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई थी। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 11.2 ओवर में 1 विकेट खोकर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था।