Hockey India: भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग हाल ही में बदला गया था. टीम का क्लर ब्लू से नारंगी कर दिया गया था. जिसके बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसकी आलोचना की थी. पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि भारतीय हॉकी की पहचान ब्लू जर्सी है. ऐसे में इसका कलर चेंज करना गलत है. इस फैसले को हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने टेक्निकल बताया था और कहा था कि खिलाड़ियों ने कलर बदलने की अपील की थी. लेकिन एक दिन बाद उन्होंने अपना बयान बदल दिया है. हॉकी इंडिया ने हाल ही में वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम की घोषणा की थी और बाद में टीम की ड्रेस का कलर भी बदल दिया था.

दिलीप टिर्की ने क्या कहा?

टिर्की का आरोप है कि यह फैसला उन्हें और एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बिना मंजूरी के बिना लिया गया है. उनका मानना है कि चुनी हुई लीडरशिप से इस बात की चर्चा जरूर होनी चाहिए.

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उन्होंने लिखा "मैं आपका ध्यान भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी के रंग में हाल ही में हुए बदलाव की ओर आकर्षित करना चाहता हू. ऐसा प्रतीत होता है कि यह निर्णय कार्यकारी बोर्ड के समक्ष चर्चा के बिना और मेरी पूर्व सूचना के बिना लिया और लागू किया गया है."

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पहले क्या कहा था?

टिर्की ने इससे पहले वाले बयान में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेली जाती है. ऐसे में मैदान और जर्सी दोनों के नीले होने से तेज खेल के दौरान खिलाड़ियों को अपने साथी खिलाड़ियों और गेंद को पहचानने में परेशानी हो सकती है. इसलिए जर्सी का कलर बदला गया है.

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खिलाड़ियों से ली गई थी सलाह?

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया कि जर्सी में हुए बदलाव को लेकर खिलाड़ियों से नहीं पूछा गया. उनसे कोई राय और सलाह नहीं मांगी गई. इसके अलावा हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने भी कहा कि जर्सी में हुए बदलाव की जानकारी उन्हें नहीं थी. वे किसी भी आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं रहे, जिसमें जर्सी बदलने को लेकर चर्चा हुई.

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