Champions Trophy 2025: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चैम्पियंस ट्रॉफी के रूप में 29 साल बाद अपनी मेजबानी में किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी कराने में सफल रहा। हालांकि उसने इसकी भारी कीमत चुकाई है। 2021 में इस आयोजन की मेजबानी के अधिकार हासिल करने के बाद पीसीबी ने टूर्नामेंट की तैयारी के लिए 100 मिलियन (लगभग 869 करोड़ रुपये) खर्च कर दिए। बोर्ड को उम्मीद थी कि वो इससे करोड़ों रुपए कमाएगा, लेकिन हुआ इसके उलट। बताया जा रहा है कि पीसीबी को चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन कराने पर 85 मिलियन डॉलर ( लगभग 739 करोड़ रुपये) का भारी नुकसान हुआ है।
‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट के अनुसार , पीसीबी ने कराची, लाहौर और रावलपिंडी के तीन स्टेडियमों के रिनोवेशन पर 18 बिलियन पाकिस्तानी रुपये (लगभग 560 करोड़ रुपये) खर्च किए। यह राशि उनके मूल बजट से 50% ज्यादा थी। पीसीबी ने टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए भी 40 मिलियन डॉलर ( लगभग 347 करोड़ रुपये) खर्च किए। पीसीबी को बदले में होस्टिंग फीस और टिकट सेल्स से सिर्फ 6 मिलियन डॉलर (लगभग 52 करोड़ रुपये) की कमाई हुई। नतीजतन, उन्हें 85 मिलियन डॉलर ( लगभग 739 करोड़ रुपये) का भारी नुकसान हुआ है।
पीसीबी ने की मैच फीस में कटौती
पीसीबी ने घाटे की भरपाई के लिए घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में कटौती भी कर दी। बताया जा रहा है कि टीम में शामिल खिलाड़ियों की मैच फीस में 90% की कटौती की गई है, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को पहले की तुलना में सिर्फ 12.50% ही मिलेगा। पहले घरेलू खिलाड़ी आलीशान होटलों में रुकते थे, लेकिन अब उन्हें बजट होटलों में ठहराया जा रहा है।
ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया था पाकिस्तान
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में मेजबान देश होने के बाद भी पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वह ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने अपने घर पर सिर्फ एक ही मैच खेला था क्योंकि भारत के खिलाफ उसका मुकाबला दुबई में था और उसका एक मैच बारिश की वजह से धुल गया था।