What is back foot no ball: टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. दूसरी पारी के 16वें ओवर तक मैच पूरी तरह से भारत की मुट्ठी में था लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर ने बाजी पूरी तरह से पलट कर रख दी. पारी का 17वां ओवर फेंकने के लिए आए रवि बिश्नोई ने अपने ओवर में 2 वो बॉल फेंकी और दोनों ही फ्री हिट पर बल्लेबाज जैकब बेथेल ने छक्के जड़े. उनके इस ओवर में 29 रन आने से मैच पूरी तरह से एकतरफा हो गया. इंग्लिश टीम ने 6 गेंद रहते ही मैच अपने नाम कर लिया. इस ओवर में बिश्नोई की नो बॉल फ्रंट फुट वाली नहीं थी लेकिन बैक फुट वाली नो बॉल थी. क्या होती है बैक फुट नो बॉल आइए आपको भी बताते हैं.

क्या होता है बैक फुट नो बॉल?

फ्रंट-फुट नो-बॉल के बारे में तो हर किसी को पता ही है. सामने की क्रीज से पैर के बाहर जाने पर अंपायर उसे नो बॉल करार देते हैं. बैक फुट नो बॉल तब होती है जब किसी गेंदबाज का पैर क्रीज की साइड लाइन से बाहर पड़ता है. किसी भी स्पिन गेंदबाज के साथ एक ही ओवर में 2 बार ऐसा होना काफी चौंकाने वाला है. आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई गेंदबाज बिना किसी प्रैक्टिस के नए तरीके से गेंदबाजी करने का प्रयास करता है तो ऐसा होता है. सवाल ये है कि अगर बिश्नोई ये गलती नेट्स में भी कर रहे थे तो उनको सुधारा क्यों नहीं गया? बिश्नोई ने इस मैच में 4 ओवर की गेंदबाजी करते हुए एक भी विकेट नहीं हासिल किया और 60 रन भी खर्च कर दिए. 

सीरीज में पिछड़ी टीम इंडिया

इंग्लैंड और टीम इंडिया के बीच इस सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था तो वहीं दूसरे मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है. 5 मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से पिछड़ चुकी है. श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद से ही टीम इंडिया ने अब तक एक भी मैच में जीत हासिल नहीं की है. उनकी कप्तानी में टीम ने 4 मैच खेले हैं, जिसमें से 3 मैचों में हार तो वहीं एक मैच बेनतीजा ही रहा है. 

ये भी पढ़िए- पाकिस्तान क्रिकेट में हुआ बड़ा फेरबदल, शान मसूद की टेस्ट कप्तानी से हुई छुट्टी, बाबर आजम को मिली टीम कमान