Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने वाइट बॉल क्रिकेट में खुद को एक खिलाड़ी के तौर पर साबित कर दिया है. लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में अभी तक वैभव खुद को साबित करने का ही प्रयास कर रहे हैं. हालांकि बीसीसीआई को उनके ऊपर बड़ा भरोसा है. जिसको देखते हुए ही ईस्ट जोन के सिलेक्टरों ने उन्हें दलीप ट्रॉफी में टीम का उपकप्तान बनाया था. जिसको सही साबित करते हुए वैभव ने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार पारी खेली है. जिसके कारण ही अब उनसे उम्मीदें फैंस की भी बढ़ गई हैं.  

वैभव सूर्यवंशी के पास है बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका 

दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन की टीमें आमने-सामने हैं. जहां पर मुश्किल विकेट पर खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में 92 रनों की बेहद शानदार पारी खेली. इस दौरान वैभव के पास बल्ले से 7 गगनचुंबी छक्के और इतने ही चौके भी देखने को मिले. वैभव की इस पारी के कारण ही ईस्ट जोन की टीम सेमीफाइनल मुकाबले में अभी भी जिंदा है. सलामी जोड़ी के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने बहुत ज्यादा निराश किया. 

---विज्ञापन---

सूर्यवंशी इस मुकाबले में सिर्फ 8 रनों से बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए. वैभव के पास 15 साल और 157 दिन की उम्र में रेड बॉल शतक जड़ने का मौका था. दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने 1988 के रणजी ट्रॉफी में 15 साल 230 दिन की उम्र में शतक जड़ा था. ऐसे में अगर वैभव ने दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी करके शतक जड़ा, तो वो सचिन तेंदुलकर से आगे निकल जाएंगे. हालांकि इस मामले में नंबर 1 पर ध्रुव पांडोव हैं, जिन्होंने 14 साल 293 दिन की उम्र में फर्स्ट क्लास शतक जड़ा था. 

सेमीफाइनल मुकाबले में इतिहास रच सकते हैं वैभव 

अगर वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ दूसरी पारी में शतक जड़ा, तो इस टूर्नामेंट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं. 92 रनों की इस पारी के साथ ही उनके नाम सबसे कम उम्र में दलीप ट्रॉफी अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. सूर्यवंशी ने इस पारी के साथ ही साबित कर दिया है कि वो रेड बॉल क्रिकेट में भी टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं. हालांकि उसके लिए उन्हें रणजी ट्रॉफी 2026-27 में भी कमाल का प्रदर्शन करना होगा. 

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: भारत-बांग्लादेश सीरीज को लेकर आया नया अपडेट, तमीम इकबाल ने बताया पूरा प्लान

बात अब टीम इंडिया के लिए उनके अगले मुकाबले की करें तो वो अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में खेलते हुए नजर आ सकते हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में जिस अंदाज में वैभव ने बल्लेबाजी की है. उसके बाद वो फिलहाल टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया की सलामी बल्लेबाजी में पहली पसंद होने वाले हैं. जिसके बाद वैभव एशियन गेम्स 2026 में भी खेलते हुए नजर आएंगे. 

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी और CSK के बीच डील को लेकर अब फ्रेंचाइजी ने तोड़ी चुप्पी, सीईओ ने बताई डील की सच्चाई

---विज्ञापन---