IND vs ENG: इंग्लैंड की धरती पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया 1-2 से पीछे है। एजबेस्टन में मिली जीत के बाद शुभमन गिल की युवा ब्रिगेड को लॉर्ड्स में हार का मुंह देखना पड़ा। मैनचेस्टर में अब टीम इंडिया से हर कोई कमबैक की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, चौथे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के सामने एक नहीं कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। इंजर्ड खिलाड़ियों की लिस्ट हर दिन के साथ ही लंबी होती चली जा रही है। ऋषभ पंत तो चोटिल थे ही अब आकाशदीप और अर्शदीप भी इंजर्ड प्लेयर्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। वहीं, नीतीश कुमार रेड्डी तो इंजरी की वजह से पूरी सीरीज से ही बाहर हो गए हैं। खिलाड़ियों की इंजरी ने भारतीय खेमे का सिरदर्द बढ़ा दिया है और टीम कॉम्बिनेशन भी बुरी तरह से हिल गया है।

इंजर्ड प्लेयर्स से परेशान टीम इंडिया

लॉर्ड्स टेस्ट में कीपिंग के दौरान ऋषभ पंत चोटिल हो गए थे। माना जा रहा है कि पंत चौथे टेस्ट में सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर मैदान में दिखाई देंगे। अब इस स्थिति में भारतीय टीम को या तो मजबूरन ध्रुव जुरैल को प्लेइंग 11 में मौका देना पड़ेगा या फिर केएल राहुल के हाथों में दस्ताने सौंपने होंगे। पंत बल्ले से अच्छी फॉर्म में हैं और इस वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें सिर्फ बैटर के तौर पर भी जरूर खिलाना चाहेगी। नीतीश रेड्डी इंजरी की वजह से सीरीज से बाहर हो चुके हैं। लॉर्ड्स टेस्ट में नीतीश प्लेइंग 11 का हिस्सा थे। अब नीतीश की जगह पर कप्तान गिल और कोच साहब किसको मौका देंगे यह देखना दिलचस्प होगा। शार्दुल ठाकुर एक बेस्ट ऑप्शन हैं, लेकिन उनकी फॉर्म कोई खास नहीं है। नीतीश की जगह अगर किसी तेज गेंदबाज को मौका दिया जाता है, तो टीम का बैटिंग ऑर्डर कमजोर पड़ जाएगा।

अर्शदीप-आकाशदीप की चोट ने बढ़ाया सिरदर्द

आकाशदीप पूरी तरह से फिट नहीं हैं, तो अर्शदीप सिंह चोट की वजह से चौथे टेस्ट से बाहर हो चुके हैं। आकाशदीप एजबेस्टन में टीम इंडिया के सबसे बड़े हथियार साबित हुए थे। आकाश, बुमराह और सिराज की तिकड़ी लॉर्ड्स में अच्छी लय में दिखाई दी थी। ऐसे में माना जा रहा था टीम मैनेजमेंट इन पर भी फिर से भरोसा दिखा सकता है। हालांकि, आकाशदीप पूरी तरह से फिट नहीं हैं। आकाश की जगह अर्शदीप का टेस्ट डेब्यू तय माना जा रहा था, लेकिन वह प्रैक्टिस के दौरान चोटिल होकर चौथे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि टीम को युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को बुलाना पड़ा है। आकाशदीप अगर फिट नहीं हो पाते हैं, तो अंशुल का डेब्यू तय मानिए। अब अगर अंशुल चौथे टेस्ट में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। वहीं, पंत के बतौर बल्लेबाज खेलने से टीम का पूरा कॉम्बिनेशन ही बिगड़ सा जाएगा। माना जा रहा है कि सुंदर की जगह पर टीम कुलदीप यादव को भी आजमा सकती है, जो शायद गेंद से सबसे बड़े ट्रंप कार्ड साबित हो जाएं। यानी कुल मिलाकर कहानी यह है कि भारतीय टीम को प्लेइंग 11 तैयार करने के लिए अब काफी माथापच्ची करनी होगी। चौथे टेस्ट में अंतिम ग्यारह में जगह पाने वाले खिलाड़ी भी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है।