Babar Azam-Rizwan: एशिया कप 2025 के लिए पाकिस्तान टीम का ऐलान कर दिया गया है। सलमान आगा को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को ड्रॉप कर दिया गया है। बाबर-रिजवान के बिना पाकिस्तान की टीम में अनुभव की कमी साफतौर पर नजर आ रही है।
हालांकि, टी-20 इंटरनेशनल में इन दोनों बल्लेबाजों की घटिया फॉर्म और खराब आंकड़े बाबर-रिजवान के खिलाफ गए हैं। ऐसे में क्या यह मान लेना चाहिए कि इन दोनों बैटर्स का कम से कम टी-20 में करियर ढलान पर है? आइए आपको बताते हैं किन तीन कारणों के चलते सिलेक्टर्स ने गिराई है बाबर-रिजवान पर गाज।
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खराब फॉर्म बनी वजह
बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की हालिया फॉर्म उनके खिलाफ गई है। साल 2024 में बाबर ने कुल 24 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले और इस दौरान उनके बल्ले से 738 रन निकले। बाबर ने यह 738 रन 133 के स्ट्राइक रेट से बनाए। वहीं, रिजवान ने 21 मैचों में 619 रन तो जड़े, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट तो सिर्फ 117 का रहा।
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टी-20 फॉर्मेट में जहां बल्लेबाज इस समय 200 के आसपास के स्ट्राइक रेट से रन कूट रहे हैं उस वक्त 133 और 117 के स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों को कैसे ही सिलेक्टर टीम में जगह देंगे।
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धीमी बल्लेबाजी भी एक कारण
खासतौर पर बाबर आजम टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं ऐसे में उनसे उम्मीद की जाती है कि वह पावरप्ले में ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग करें। हालांकि, बाबर उम्मीदों पर एकदम खरे नहीं उतरे हैं। बाबर की स्लो बल्लेबाजी की वजह से पाकिस्तान की टीम शुरुआती छह ओवरों का फायदा उठाने में नाकाम रहती है। ऐसा ही कुछ हाल रिजवान का भी रहा है।
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युवा खिलाड़ियों पर निवेश करना चाहते हैं सिलेक्टर्स
बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को टीम से ड्रॉप करने का एक कारण यह भी है कि सिलेक्टर्स युवा खिलाड़ियों को भी भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। यही वजह है कि इन दोनों बल्लेबाजों को टी-20 टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सिलेक्टर्स शायद टी-20 में बाबर और रिजवान से आगे देखना चाहते हैं।
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