Jemimah Rodrigues: इतिहास लिखने का मौका किस्मत सिर्फ बहादुरों को देती है. ऐसा ही कुछ मौका आज जेमिमा रोड्रिग्स को मिला था और टीम इंडिया की स्टार बैटर ने इस मौके को क्या खूब भुनाया है. विश्व कप कप के पहले मैच में जेमिमा बिना खाता खोले पवेलियन लौटी थीं.

फॉर्म अच्छी नहीं थी और बल्ले से रन नहीं आ रहे थे, लेकिन जुझाऊ खिलाड़ी की पहचान ही लड़ते रहना होती है और जेमिमा भी टूर्नामेंट में अपनी खोई हुई फॉर्म को लगातार तलाशती रहीं. इंग्लैंड के खिलाफ खराब फॉर्म की वजह से उन्हें ड्रॉप भी कर दिया गया. मगर जेमिमा ने तो अपना बेस्ट प्रदर्शन बड़े मैचों के लिए बचा रखा था.

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जेमिमा का जवाब नहीं

सेमीफाइनल की रेस से भारतीय टीम के बाहर होने के आसार जब नजर आए, तो न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 55 गेदों में 76 रनों की धांसू पारी खेली. सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा, तो जेमिमा ने अपने कंधों पर टीम की नैया को पार लगाने का जिम्मा उठा लिया. डीवाई पाटिल स्टेडियम में जेमिमा के बल्ले से निकली यह शतकीय पारी इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है. जेमिमा के बल्ले से निकली ऐतिहासिक पारी के दम पर भारतीय टीम ने विश्व कप के नॉकआउट मैचों में नया इतिहास लिख डाला है.

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जेमिमा की यादगार पारी

ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया के सामने सेमीफाइनल में 339 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. शेफाली वर्मा ने बल्ले से निराश किया और वह महज 10 रन बनाकर चलती बनीं. इसके बाद स्मृति मंधाना भी 24 रन बनाकर आउट हो गईं. टीम दबाव में थी और एक साझेदारी की सख्त जरूरत थी.

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टीम मैनेजमेंट ने जेमिमा रोड्रिग्स पर भरोसा दिखाया और उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा. जेमिमा भरोसे पर एकदम खरी उतरीं. उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली. जेमिमा और हरमन ने तीसरे विकेट के लिए 167 रन जोड़े. कप्तान हरमनप्रीत तो 89 रन बनाकर आउट हो गईं और टीम की नैया को पार लगाने की जिम्मेदारी जेमिमा के कंधों पर छोड़ गईं.

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हरमनप्रीत के आउट होने के बाद संभाला मोर्चा

जेमिमा ने इस बात को बखूबी समझा कि उनके विकेट की अहमियत बहुत ज्यादा है. वह एक छोर संभालकर खड़ी रहीं. दीप्ति शर्मा और फिर ऋचा घोष के साथ मिलकर जेमिमा ने अपनी प्लानिंग को बखूबी अंजाम दिया. वहीं, अंतिम ओवरों में जब बात बड़े-बड़े शॉट्स खेलने की आई, तो उन्होंने एक के बाद दनदनाते हुए चौके जमाकर टीम को फाइनल का टिकट दिला दिया.

जेमिमा 134 गेंदों में 127 रन बनाकर नाबाद रहीं. अपनी इस इनिंग के दौरान उन्होंने 14 चौके जमाए. अब भारतीय टीम अपनी इस स्टार बैटर से फाइनल में भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऐसी ही दमदार इनिंग की उम्मीद करेगी.