हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

संजय मांजरेकर पर बरसे टीम इंडिया के पूर्व स्टार बॉलर, विराट के खिलाफ बयान को लेकर दिखाया आईना

Harbhajan Singh Slams Sanjay Manjrekar: संजय मांजरेकर अपने बेबाक बयान के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कई बार इसके कारण वो आलोचनाओं के शिकार भी होते हैं. अब हरभजन सिंह ने उनकी एक टिप्पणी पर जवाब दिया है. दरअसल मांजरेकर ने कहा था कि विराट ने सबसे आसान फॉर्मेट को चुना.

विज्ञापन

Harbhajan Singh Slams Sanjay Manjrekar For Comment Against Virat Kohli: पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने संजय मांजरेकर के उस कमेंट पर अपनी राय दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से दूर होकर वनडे में खेलकर ‘खेलने के लिए सबसे आसान फॉर्मेट’ चुना है. हरभजन ने कोहली के कद और कंसिस्टेंसी का बचाव करते हुए ऐसी राय को फिजूल बताया और कहा कि ये इस बात को नजरअंदाज करता है कि हाईएस्ट लेवल पर कामयाब होने के लिए क्या करना पड़ता है.

वनडे में रन बनाना आसान नहीं

हरभजन सिंह ने बुधवार 14 जनवरी 2026 को एक कार्यक्रम के दौरान जवाब देते हुए साफ किया कि किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना कभी आसान नहीं होता. हरभजन ने कहा, ‘अगर किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना इतना आसान होता, तो हर कोई ऐसा कर लेता. आइए बस लोग जो कर रहे हैं उसका लुत्फ लें. वो अच्छा खेल रहे हैं, मैच जीत रहे हैं, रन बना रहे हैं और विकेट ले रहे हैं. बस यही मायने रखता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन किस फॉर्मेट में खेलता है. विराट, चाहे वो एक फॉर्मेट में खेले या सभी फॉर्मेट में, एक शानदार खिलाड़ी रहे हैं और भारत के लिए एक बड़े मैच विनर हैं.’

‘अगली पीढ़ी के लिए इंस्पिरेशन हैं विराट’

उन्होंने आगे भारतीय क्रिकेट पर कोहली के असर और युवा खिलाड़ियों के लिए इंस्पिरेशन के तौर पर उनके रोल को लेकर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘वो अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हैं. मांजरेकर की अपनी सोच है. जिस तरह से मैं इसे देखता हूं, वो ये है कि विराट और इन खिलाड़ियों ने इस खेल को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभाई है. विराट एक अविश्वसनीय खिलाड़ी है. आज भी अगर वो टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं, तो वो हमारे मेन प्लेयर होंगे.’

विज्ञापन

मांजरेकर ने क्या कहा था?

मांजरेकर का कमेंट ऐसे वक्त में आया, जब कोहली वनडे फॉर्मेट में शानदार फॉर्म में थे. पूर्व भारतीय बल्लेबाज, जो अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने सुझाव दिया कि मॉडर्न वनडे क्रिकेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए काफी आसान हो गया है. एक इंस्टाग्राम वीडियो में, मांजरेकर ने फॉर्मेट में बल्लेबाजी की रोल की तुलना करके अपना रुख समझाया.

वनडे को आसान कहने की वजह?

उन्होंने कहा, ‘बहुत से लोगों ने मुझसे पूछा है कि मैं क्यों कहता रहता हूं कि वनडे क्रिकेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए आसान है,’ यह बताते हुए कि कई भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे में ओपनिंग करना पसंद किया लेकिन टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने से संतुष्ट थे. उन्होंने कहा कि सीमित फील्डिंग रेस्ट्रिक्शन और गेंदबाजों का विकेट लेने के बजाय रन कंट्रोल पर ज्यादा ध्यान देना वनडे में टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए जीवन को आसान बनाता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- ‘विराट कोहली ने अपनी कमजोरी को सुधारने की जगह टेस्ट को अलविदा कहना चुना’, वनडे को तरजीह देने पर निराश हैं ये भारतीय दिग्गज

भड़क गए थे कोहली के भाई

मांजरेकर के कमेंट्स ने व्यापक बहस और आलोचना को पैदा किया, खासकर 11 जनवरी 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में कोहली के 93 रन बनाने के बाद. कोहली के भाई, विकास कोहली ने भी पूर्व भारतीय कप्तान के बचाव में कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने पर लिखा, ‘लगता है कुछ लोगों की दाल-रोटी विराट कोहली का नाम लिए बिना नहीं चलती.’ फैंस ने इस पोस्ट को मांजरेकर की टिप्पणी का जवाब माना, हालांकि विकास ने किसी का नाम नहीं लिया था.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola