नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच बहस चर्चा का विषय बन गई थी। इसके बाद इशारों-इशारों में नवीन उल हक और कोहली एक दूसरे पर तंज कसते रहे, लेकिन कभी खुलकर बात नहीं की। हालांकि अब गौतम गंभीर ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ दी है। गंभीर ने बताया है कि उन्होंने नवीन उल हक का पक्ष क्यों रखा।

टीआरपी के लिए बहुत कुछ कहा गया 

गंभीर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा- मैदान पर मेरी और कोहली की बहस के बारे में बहुत कुछ कहा गया, खासकर टीआरपी के लिए, लेकिन हमारे बीच जो हुआ वह हम ही के बीच रहना चाहिए। इसके लिए किसी सफाई की जरूरत नहीं है। गंभीर ने कहा- मैंने पहले भी क्रिकेट के मैदान पर झगड़े किए हैं, लेकिन हमेशा उस लड़ाई या तर्क को केवल क्रिकेट के मैदान तक ही सीमित रखा है। दो व्यक्तियों के बीच एक तर्क था और उसे मैदान पर रहना चाहिए। यह क्रिकेट के मैदान पर हुआ। अगर यह कहीं और हुआ होता, तब आप इसे लड़ाई कह सकते हैं। ये उस मोमेंट का मामला था जहां दो व्यक्ति अपनी टीम के लिए जीतना चाहते हैं।

मेरी आखिरी सांस तक मैं यही करूंगा

गंभीर ने ये भी कहा कि बहुत सारे लोगों ने टीआरपी के लिए बहुत कुछ कहा और कई ने इंटरव्यू के लिए भी बुलाया था। गंभीर ने नवीन के पक्ष में जाने के अपने फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा- मैं केवल इतना ही कहूंगा कि मैंने उस व्यक्ति के लिए वही किया जो सही लगा। अगर मुझे लगता है कि नवीन-उल-हक ने कुछ भी गलत नहीं किया है, तो यह मेरा कर्तव्य है कि उसके साथ खड़ा रहूं। मेरी आखिरी सांस तक मैं यही करूंगा, भले ही वह नवीन-उल-हक या किसी के लिए भी हो। अगर मुझे लगता है कि आप सही हैं, तो मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा। मुझे यही सिखाया गया है और आगे भी मैं ऐसा करता रहूंगा। उस वक्त बहुत से लोगों ने कहा था कि मैं नवीन-उल-हक का समर्थन कर रहा हूं, अपने देश के खिलाड़ी का नहीं, लेकिन मेरा मानना है कि ऐसा नहीं था कि यह खिलाड़ी हमारा है और वह नहीं है। यदि मेरी टीम का खिलाड़ी गलत है , मैं उसका पक्ष नहीं लेता।