वैसे तो भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले हर क्रिकेटर के संघर्ष की अपनी एक अलग कहानी है. लेकिन राजस्थान की तपती धूप और श्रीगंगानगर की मिट्टी से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट की चमक-दमक तक पहुंचना भी आसान नहीं कहा जाएगा. गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर भारत की जीत के बाद सोशल मीडिया पर एकाएक ट्रेंड बनने वाले मानव सुथार की कहानी भी अपने आप में खास है. ये कहानी फिल्मी स्टोरी जैसी तो नहीं लेकिन चुपचाप की गई बरसों की अथक मेहनत का नतीजा है.
घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी के दौरान लगातार रेड बॉल से पसीना बहाने वाले मानव जब इस दौरे पर श्रीलंका बोर्ड प्रेसिडेंट इलेवन के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में उतरे थे तो कोई नहीं जानता था कि कुछ ही दिनों में इतिहास बनने वाला है. उस वॉर्म अप मैच में भी मानव ने पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर कुल 5 विकेट चटकाए थे. इसी दौरान उन्होंने साफ संकेत दे दिया था कि उनकी फिरकी श्रीलंका की पिचों पर टीम इंडिया के लिए बड़ा जादू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. शायद यही वजह थी कि गॉल की पेचीदा पिच को देखने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने प्लेइंग-11 में 24 साल के इस युवा चेहरे पर दांव खेलने में कोई घबराहट नहीं दिखाई.
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गंभीर-गिल का फैसला बना गेमचेंजर
क्रिकेट को करीब से देखने वाले मानेंगे कि टेस्ट फॉर्मेट में हमेशा किसी युवा खिलाड़ी को विदेशी सरज़मीं पर मौका देना एक बड़ा साहसी कदम माना जाता है. खासकर तब अगर टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के सामने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में बने रहने की कड़ी चुनौती हो. मैं तो कहूंगा कि गॉल टेस्ट जैसे अहम मैच के प्लेइंग इलेवन में मानव सुथार को शामिल करना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ.
दूसरी पारी में जब पिच से टर्न निकालना कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा के लिए भी काफी मुश्किल दिख रहा था, तब सुथार ने पूरी ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. मैच का नतीजा भारत के पक्ष में आने के बाद ये बात शायद कुछ लोग समझ ना पाएं, लेकिन अच्छी बात ये है कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का यह भरोसा पूरी तरह से सही साबित हुआ. आखिरकार मानव सुथार अपनी ही टीम के दो-दो सीनियर स्पिन गेंदबाज़ों से भी बेहतर प्रदर्शन कर टीम इंडिया के गेमचेंजर बन गए.
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आईपीएल नेट्स से टेस्ट कैप तक का अटूट विश्वास
मानव सुथार के हुनर को निखारने में आईपीएल और गुजरात टाइटंस के ड्रेसिंग रूम का बड़ा योगदान रहा है. गुजरात टाइटंस के कैंप में कप्तान शुभमन गिल और कोच आशीष नेहरा ने मानव की फिरकी और गेंदबाज़ी लाइन-लेंथ को बेहद करीब से परखा था. गिल ने तभी मानव से कह दिया था कि अगर वे इसी लगन से मेहनत जारी रखेंगे, तो टीम इंडिया की टेस्ट कैप उनसे ज्यादा दूर नहीं है. गॉल में जीत के बाद गिल ने दिल खोलकर मानव की तारीफ करते हुए कहा कि, 'वे लंबे समय तक भारत की सेवा करने की क्षमता रखते हैं.' मैच के दौरान भी कप्तान गिल और मानव के बीच का यह आपसी विश्वास मैदान पर साफ दिखा. गिल की सटीक फील्डिंग और मानव की करिश्माई गेंदों ने मिलकर लंकाई बल्लेबाजों की घेराबंदी कर दी.
10 गेंद की जादुई स्पेल से रचा इतिहास
भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया गॉल टेस्ट मैच बारिश से प्रभावित रहा. जहां खेल के कई सेशन पूरे नहीं किए जा सके. बड़ी बात ये रही कि टीम इंडिया स्कोरबोर्ड पर 372 रनों का लक्ष्य देकर भी सुकून से नहीं रह सकती थी. दरअसल मैच के पांचवें दिन पूरी तरह से बारिश का अनुमान लगाया गया था. वैसे तो लक्ष्य हासिल कर श्रीलंका के लिए जीत पाना नामुमकिन था, लेकिन पांचवें दिन बारिश होने से श्रीलंका की हार भी ड्रॉ नतीजे के साथ टल सकती थी. ऐसे में जीत हासिल करने के लिए जल्द से जल्द विकेट्स लेना भारत की मजबूरी बन चुका था.
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इसी उधेड़बुन के बीच चौथे दिन जब श्रीलंका के सोनल दिनुषा और कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 95 रनों की पार्टनरशिप कर मैच को ड्रॉ की तरफ बढ़ा दिया तो भारतीय टीम की बेचैनी बढ़ने लगी थी. लेकिन फिर लंच और टी-ब्रेक के बाद मानव सुथार ने जो किया उसे बरसों तक याद रखा जाएगा. 75वें ओवर में सुथार ने पहले क्रीज पर जम चुके दिनुषा को 84 रनों के स्कोर पर चलता किया फिर अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या को क्लीन बोल्ड कर दिया. जिसके बाद उसी ओवर में लाहिरू कुमारा को भी ऋषभ पंत के हाथों विकेट के पीछे कैच कराकर एक ही ओवर में 3 झटके दे दिए. श्रीलंका की हार के ताबूत में आखिरी कील भी मानव सुथार ने ही गाड़ी. जब ठीक अगले ओवर में केशरा नुवानथा की गिल्लियां बिखेरकर उन्होंने महज 10 गेंदों के भीतर 4-4 विकेट समेट दिए.
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आंकड़ों की ज़ुबानी: दिग्गजों की कतार में दर्ज हुआ नाम
क्रिकेट को आंकड़ों का खेल कहा जाता है इसीलिए यहां आंकड़े बताना ज़रूरी भी है. मैच में 211 रन बनाने वाले देवदत्त पड्डिकल को भले ही मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला हो. लेकिन मेरी नज़रों में गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट और पूरे मैच में 131 रन पर 10 विकेट लेकर मानव सुथार ने ही भारत की 165 रनों की ऐतिहासिक जीत लिखी है. करियर के सिर्फ दूसरे टेस्ट में 10 विकेट लेने की उपलब्धि कितनी असाधारण है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्रेट ली और बेन स्टोक्स जैसे दिग्गज अपने पूरे करियर में, जबकि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे भारतीय दिग्गज अब तक टेस्ट करियर में एक भी मैच में 10 विकेट नहीं ले सके हैं.
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इससे पहले मानव ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में 7 विकेट लिए थे. अब सिर्फ 2 टेस्ट में उनके नाम 17 विकेट दर्ज हो चुके हैं. रिकॉर्ड बुक्स की बात करूं तो आज वो नरेंद्र हिरवानी और लक्ष्मण शिवरामकृष्णन के बाद सबसे कम टेस्ट खेलकर 10 विकेट हॉल लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं. वहीं श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट में 10 विकेट लेने के मामले में अब उनका नाम अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और आर अश्विन जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में जुड़ चुका है.
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WTC फाइनल और जडेजा के विकल्प की दस्तक!
आखिर में यही कहूंगा कि गॉल टेस्ट में इस जीत के साथ ही भारत अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल में 53.33% पॉइंट्स के साथ 5वें स्थान पर मजबूती से बना हुआ है. फाइनल के सफर को देखा जाए तो भारत के पास अभी 9 टेस्ट बाकी हैं. यहां उसे भविष्य में होने वाली न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ को मिलाकर कम से कम 6-7 मैचों में जीत की दरकार होगी. ऐसे अहम मोड़ पर मानव सुथार का उभरना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी राहत माना जा सकता है.
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विराट, रोहित और अश्विन जैसे बड़े नामों के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के बाद से भारतीय टीम इस फॉर्मेट में अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है. इसके अलावा रवींद्र जडेजा भी अपने टेस्ट करियर का आखिरी अध्याय खेल रहे हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो भविष्य के नज़रिए से मानव सुथार का उभरना जडेजा जैसे ऑलराउंडर के संन्यास के बाद उनकी खाली जगह को भरने के लिए सबसे मुकम्मल दावा दिख रहा है. सटीक लाइन, हवा में ड्रिफ्ट, शानदार फिटनेस और लोअर ऑर्डर में बैटिंग की काबिलियत उन्हें एक आदर्श टेस्ट ऑलराउंडर बनाती है. तो क्या ये कहा जाए कि गॉल की यह जीत सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के अगले दशक की सुनहरी उम्मीद है… जिसका नाम मानव सुथार है?
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