Former England captain Michael Vaughan has been cleared of using racist language towards
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Michael Vaughan: इंग्लैंड टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन पर लगे नस्लवाद के आरोप अब खत्म हो गए हैं। एक अनुशासनात्मक पैनल ने उनके ऊपर लगे नस्लवाद के आरोपों को खाजिर कर दिया है। इस दिग्गज पर आरोप था कि 'उन्होंने साल 2009 में यॉर्कशायर टीम में शामिल एशियाई मूल के खिलाड़ियों के समूह के प्रति नस्लीय टिप्पणी की थी। इस मामले में वॉन को 12 साल बाद राहत मिली है।
माइकल वॉन ने दी जानकारी
माइकल वॉन ने 31 मार्च 2023 यानी आज खुद जानकारी देते हुए कहा कि 'इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुशासन आयोग ने उन्हें नस्लभेदी और भेदभावपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में बरी कर दिया है।' लंदन में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसके तीन सदस्यीय पैनल ने अपना फैसला सुनाते हुए वॉन को बरी कर दिया है।
दरअसल, साल 2009 में अजीम रफीक ने माइकल वॉन पर नस्लवाद के आरोप उस वक्त लगाए थे, उस वक्त माइकल वॉन यॉर्कशायर के लिए क्रिकेट खेलते थे। अजीम के अलावा आदिल रशीद, राणा नावेद-उल-हसन और अजमल शहजाद ने भी वॉन पर नस्लवाद का आरोप लगाया था।
इससे पहले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ने खुद पर लगे आरोप और किए गए विवादित ट्वीट पर माफी मांग थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान जब वॉन से ECB के प्रमुख वकील जेन मुल्काही केसी ने लगभग 90 मिनट तक पूछताछ की थी तब वॉन ने स्वीकार किया किया था कि उनके ट्वीट अस्वीकार्य थे। इसी दौरान वॉन ने ट्वीट को लेकर माफी मांग थी।
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क्या था पूरा मामला
क्रिकेटर अजीम रफीक के माइकल वॉन पर आरोप लगाया था कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने एक टी20 मैच के दौरान उनके और एशियाई मूल के अन्य खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए कहा था आप लोगों की संख्या काफी बढ़ गयी है, हमें इस पर कुछ करने की जरूरत है।
दरअसल, माइकल वॉन ने 15 अक्टूबर 2010 में किए गए एक ट्वीट में लिखा था कि 'लंदन में ज्यादा अंग्रेज नहीं रहते, मुझे एक नई भाषा सीखने की जरूरत है। इस ट्वीट पर वॉन फंस गए थे, जिसे नस्लवाद से जोड़कर देखा गया।
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