Team India: वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर खिलाड़ियों की मनमानी पर अब पूरी तरह से ब्रेक लगाने की तैयारी की जा रही है। खिलाड़ी अब अपने मन से यह नहीं चुन पाएंगे कि वह किस मैच में खेलेंगे या किसको छोड़ेंगे। इंग्लैंड के दौरे पर वर्कलोड को लेकर काफी चर्चा हुई। जसप्रीत बुमराह ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में सिर्फ तीन ही मैच खेले।
बुमराह को वर्कलोड के नाम पर सबसे अहम पांचवें टेस्ट में नहीं खिलाया गया। इस फैसले की जमकर आलोचना भी हुई। वहीं, दूसरी तरफ पूरी सीरीज में सिराज ने 185 ओवर डाले और वह सभी पांच मैचों में प्लेइंग 11 का हिस्सा रहे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई प्लेयर्स की मनमानी को पूरी तरह से खत्म करने पर विचार कर रही है।
नहीं चलेगी प्लेयर्स की मनमानी
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीरीज के पांचवें टेस्ट में जसप्रीत बुमराह के ना खेलने से बीसीसीआई नाखुश है। इसके साथ ही सभी प्लेयर्स को यह मैसेज भी भेजा जाएगा कि वह भविष्य में अपने हिसाब से मैच खेलने और छोड़ने का चुनाव नहीं कर पाएंगे।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई के साथ बातचीत करते हुए कहा, "इसको लेकर बातचीत की गई है और कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल प्लेयर्स को मैसेज भेजा जाएगा कि भविष्य में वह अपने हिसाब से मैच खेलने या छोड़ने का फैसला नहीं ले पाएंगे। यह क्लियर मैसेज खासतौर पर उन प्लेयर्स को दिया जाएगा, जो तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलते हैं।"
सूत्र ने आगे बताया, "हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। प्लेयर्स के वर्कलोड का बेहतर तरीके से ख्याल रखा जाएगा। जाहिर तौर पर तेज गेंदबाजों के वर्कलोड को मैनेज करना बेहद जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर खिलाड़ी अहम मैचों को मिस नहीं कर सकेंगे।" गौरतलब है कि सीरीज दांव पर होने के बावजूद बुमराह को ओवल में प्लेइंग 11 में जगह नहीं दी गई थी। पांचवें टेस्ट में अगर आखिरी दिन मोहम्मद सिराज घातक स्पेल ना फेंकते, तो सीरीज टीम इंडिया के हाथ से निकल गई थी।