Ayush Mhatre breaks Suresh Raina's Record: आयुष म्हात्रे ने आईपीएल 2026 के अपने पहले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 'गोल्डन डक' पर आउट होने के बाद, पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ 73 रनों की शानदार पारी खेलकर जोरदार वापसी की है. 18 साल के इस युवा खिलाड़ी को एक बार फिर जल्दी ही मैदान पर उतरना पड़ा, क्योंकि दूसरे ओवर में ही संजू सैमसन आउट होकर पवेलियन लौट गए थे.

अटैक करते दिखे म्हात्रे

आयुष म्हात्रे को एक बार फिर नई गेंद का सामना करना पड़ा, लेकिन इस बार वो कामयाब रहे. इस यंग क्रिकेटर को पता था कि उनकी भूमिका आक्रामक बल्लेबाजी करने की है, जबकि चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को एंकर का काम करना है.

---विज्ञापन---

चौके-छक्के की बरसात

चौथे ओवर में म्हात्रे ने जेवियर बार्टलेट पर हमला बोला, वही गेंदबाज जिसने संजू सैमसन को आउट किया था. 15 रनों वाले उस ओवर ने सीएसके की पारी को स्पीड दिया. इसके बाद की 12 गेंदों में उन्होंने विजयकुमार वैशाख की गेंद पर एक छक्का और अर्शदीप सिंह की गेंद पर एक चौका जड़ा. तेज गेंदबाजों के खिलाफ सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक म्हात्रे ने अजिंक्य रहाणे को पीछे छोड़ते हुए आईपीएल 2025 के बाद से सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट रखने वाले दूसरे बल्लेबाज का मुकाम हासिल कर लिया.

---विज्ञापन---

IPL 2025 के बाद से पावरप्ले में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (कम से कम 60 गेंदें)

227.91 – वैभव सूर्यवंशी
183.93 – आयुष म्हात्रे
181.94 – अजिंक्य रहाणे
173.02 – देवदत्त पडिक्कल
172.49 – फिल सॉल्ट

स्पीड बैटिंग का नजारा

पावरप्ले खत्म होने के बाद आयुष म्हात्रे ने अपनी बैटिंग की स्पीड और बढ़ा दी. उन्होंने मार्को जानसेन के खिलाफ खुलकर हाथ खोले और इस लंबे-चौड़े दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज को 2 छक्के जड़े. मार्कस स्टोइनिस के साथ भी उन्होंने वैसा ही बर्ताव किया, और म्हात्रे ने सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया; इसके साथ ही वो सीएसके की तरफ से सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए, और उन्होंने सुरेश रैना के 17 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

चेपॉक में CSK के लिए फिफ्टी बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी

18 साल 261 दिन - आयुष म्हात्रे
21 साल 148 दिन - सुरेश रैना

अलग स्टाइल में दिखे म्हात्रे

आयुष म्हात्रे अपनी सबसे सहज लय में नहीं दिख रहे थे. वो अक्सर गेंद को जोर-जबरदस्ती से 'लेग साइड' की तरफ धकेल रहे थे, जो कि उनके खेलने के नेचुरल स्टाइल के बिल्कुल उलट था. जब स्पिन गेंदबाजी शुरू हुई, तो युजवेंद्र चहल के सामने उन्हें थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लेकिन पंजाब किंग्स के फील्डर्स उन्हें पवेलियन लौटने देने के मूड में नहीं थे.

2 बार छूटा कैच

उन्हें 59 और 67 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला, दोनों बार चहल की गेंदबाजी पर ऐसा हुआ, पहली बार वैशाख ने और फिर शशांक सिंह ने कैच छोड़ा. हालांकि, वैशाख आखिरकार उनका विकेट लेने में कामयाब रहे. बल्ले का एक मजबूत किनारा लेकर गेंद शॉर्ट थर्ड मैन की तरफ गई, जहां फील्डर ने उसे नहीं छोड़ा. और अंदाजा लगाइए? वो फील्डर चहल ही थे. ये किसी भी लिहाज से म्हात्रे की सबसे बेहतरीन पारी नहीं थी. लेकिन 43 गेंदों में बनाए गए 73 रन ही थे जिनकी सीएसके को मुश्किल वक्त में काफी जरूरत थी.