क्या जिम्बाब्वे के उलटफेर में कोलंबो की पिच बनी विलेन? ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ने कह दी दिल की बात

ICC T20 World Cup 2026 AUS vs ZIM Match: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा अपसेट 13 फरवरी को देखने को मिला जब कोलंबो के आर प्रेमादासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने ताकतवर ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से धूल चटाई, लेकिन क्या इसके लिए ग्राउंड की पिच जिम्मेदार थी? इस मुद्दे पर कंगारू बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने अहम बात कही है.

Matt Renshaw

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Matt Renshaw On Colombo Pitch: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान 13 फरवरी को जिम्बाब्वे ने बड़ा उलटफेर किया और ऑस्ट्रेलिया को घुटनों पर लगा दिया. कंगारू बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने T20 वर्ल्ड कप में ज़िम्बाब्वे से 23 रन से मिली हार के लिए आर प्रेमादासा स्टेडियम की धीमी पिच पर इल्जाम लगाने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि सब-कॉन्टिनेंट की मेहमान टीमें जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाती हैं तो कभी भी पेस और बाउंस की शिकायत नहीं करतीं.

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रेनशॉ ने पिच को नहीं किया ब्लेम

मैट रेनशॉ की 44 गेंदों में 65 रन की पारी बेकार गई, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया 146 रन पर ढेर हो गया, और ज़िम्बाब्वे के अटैक के सामने पेस बनाने में उन्हें मुश्किल हुई. रेनशॉ ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मुझे लगता है कि क्रिकेट का यही नेचर है. सब-कॉन्टिनेंट की टीम ऑस्ट्रेलिया आती है और वे बाउंस या पेस की शिकायत नहीं करतीं. आजकल क्रिकेट ऐसा ही है. आपको अलग-अलग पिचों पर खेलना आना चाहिए.’

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‘एडजस्टमेंट की दिक्कत नहीं’

मैच रेनशॉ को नहीं लगता कि बिग बैश लीग के दौरान हार्ड और बाउंसी ऑस्ट्रेलियाई ट्रैक पर खेलने के बाद धीमी पिचों पर एडजस्ट करने में कोई दिक्कत हुई. उन्होंने कहा, ‘हां, बिग बैश के दौरान ऑस्ट्रेलिया में विकेट काफी अच्छे होते हैं – उनमें बहुत बाउंस होता है. आप इंडिया जाइए और अगर टूर्नामेंट के दूसरी तरफ वहां अलग विकेट हैं तो शायद ज्यादा स्कोर होंगे, बाउंड्री छोटी होंगी.’

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‘हालात में फिट होने की कोशिश’

उन्होंने आगे कहा, ‘यहां (प्रेमादासा) बाउंड्री काफी बड़ी हैं इसलिए ये सिर्फ क्रिकेट है. लेकिन हां, शायद हम बस कंडीशन को जितना हो सके एडजस्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जब हम इन हालात में पहुंचें तो हमें पता हो कि गेम प्लान क्या है, हमें पता हो कि हम सबसे अच्छे से कैसे फिट हो सकते हैं.’

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जिम्बाब्वे की तारीफ

मैच ने जिम्बाब्वे के बॉलर्स की अपने गेमप्लान पर टिके रहने और 170 रन के टारगेट को और भी चैलेंजिंग बनाने के लिए तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘हां, शायद वहां 170 रन का पीछा करना काफी मुश्किल हो जाता है. उन्होंने शुरुआत में बहुत अच्छी बॉलिंग की, कुछ शुरुआती विकेट लिए, और लगा कि हर बार जब हमने कुछ मोमेंटम बनाया तो मैक्सी (ग्लेन मैक्सवेल) के साथ पार्टनरशिप साफ तौर पर जरूरी थी, लेकिन उसे चेज़ करने के लिए काफी मोमेंटम नहीं बना सके और इतने ज्यादा रन थे कि उन्हें आउट करना मुश्किल था.’

स्टोइनिस को लगी चोट

रेनशॉ ने कहा, ‘मार्कस स्टोइनिस जैसे एनफोर्सर को फ़ील्डिंग के दौरान उंगली में लगी चोट की वजह से नंबर 7 पर आना पड़ा, लेकिन ये हार का कारण नहीं हो सकता’. उन्होंने माना कि एक टीम के तौर पर वे उस दिन काफी अच्छे नहीं थे.

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‘हमारी गलती थी’

रेनशॉ ने कहा, ‘शायद मार्कस स्टोइनिस ऊपर बैटिंग करने वाले थे, उन्हें उंगली में चोट लगी, हमें नहीं पता कि यह कितना बुरा है, मुझे यकीन है कि मेडिकल स्टाफ उसका इलाज करेगा, लेकिन हां आज वही हुआ था लेकिन हां हम आज काफी अच्छे नहीं थे.

बल्लेबाज ने आखिर में कहा, ‘वो बहुत अच्छा खेले, उन्होंने बहुत अच्छी बैटिंग की, बोर्ड पर 170 रन बनाए, आखिर में लॉन्च करने के लिए विकेट हाथ में थे और उन्होंने शुरुआती विकेट लिए. इसलिए जब ऐसा होता है तो टी20 में ये हमेशा मुश्किल होता है.’

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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