Amit Mishra Virat Kohli Controversy: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा का अंतरराष्ट्रीय करियर जिस तरह खत्म हुआ, उससे वह खुश नहीं थे. मिश्रा ने भारत के लिए कई शानदार प्रदर्शन किए, लेकिन चोटों के कारण उनके करियर पर काफी असर पड़ा. उनका मानना है कि अगर वह चोटिल नहीं होते, तो भारतीय टीम के लिए ज्यादा मुकाबले खेल सकते थे. अब पूर्व स्पिनर ने अपने करियर के उस दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जब उन्हें टीम से बाहर होने के बाद वापसी की उम्मीद थी.
मिश्रा के मुताबिक, उस समय टीम के कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि फिट होने के बाद उनके लिए टीम के दरवाजे खुले रहेंगे. हालांकि, उनका दावा है कि चोट से उबरने के बाद जब उन्होंने कोहली से संपर्क किया, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.
अनिल कुंबले ने दिया था वापसी का भरोसा
मिश्रा ने बताया कि बेंगलुरु में खेलते समय उनके पैर में चोट लग गई थी. उस समय अनिल कुंबले भारतीय टीम के मुख्य कोच थे. चोट के बाद जब उन्होंने कुंबले से बात की, तो उन्हें जल्द वापसी का भरोसा मिला. मिश्रा के अनुसार, कुंबले ने उनसे कहा था कि वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दें और जैसे ही पूरी तरह ठीक होंगे, टीम में वापसी कर सकते हैं.
पूर्व स्पिनर को इस बातचीत से उम्मीद जगी थी कि चोट से उबरने के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर आगे बढ़ सकता है. लेकिन इसके बाद टीम की कप्तानी विराट कोहली के हाथों में आ गई.
विराट कोहली से भी मिला था भरोसा
अमित मिश्रा ने बताया कि उन्होंने विराट कोहली से भी अपनी स्थिति को लेकर बातचीत की थी. उन्होंने कोहली से पूछा था कि टीम में वापसी करने के लिए उन्हें क्या करना होगा. मिश्रा के मुताबिक, कोहली ने उन्हें फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि पूरी तरह फिट होने के बाद वह टीम का हिस्सा रहेंगे.
हालांकि, मिश्रा का दावा है कि फिट होने के बाद जब उन्होंने कोहली से संपर्क किया, तो स्थिति बदल गई. उन्होंने अपनी वापसी को लेकर जवाब जानना चाहा, लेकिन उन्हें इंतजार करना पड़ा.
फोन और मैसेज का नहीं मिला जवाब
मिश्रा के अनुसार, विराट कोहली ने उनसे कहा था कि वह सात से दस दिनों के भीतर जवाब देंगे. लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली. उन्होंने फोन किया और मैसेज भी भेजे, मगर उनके मुताबिक, किसी का जवाब नहीं आया.
पूर्व लेग स्पिनर ने इस अनुभव पर निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें वापसी का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी बातों का जवाब तक नहीं मिला. मिश्रा के इस खुलासे ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है.