IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में अब तक बल्लेबाजों का दबदबा रहा है और लगातार 200+ स्कोर बन रहे हैं. पहले 200+ का स्कोर जीत की गारंटी देता था, लेकिन हैरानी के बात है कि इस सीजन 200 से ज्यादा स्कोर बनाने के बाद भी टीमों को हार मिल रही है. IPL 2026 में अब तक खेले गए 49 में से 41 मैचों में 200 से ज्यादा के स्कोर बने हैं. लगातार बड़े स्कोर बनने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या टूर्नामेंट अब पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में होता जा रहा है.

कई क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना है कि गेंदबाजों के लिए लीग में मौके लगातार कम होते जा रहे हैं. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हाई स्कोरिंग मुकाबलों को बढ़ावा देना चाहता है और इसी वजह से पिचों को उसी हिसाब से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

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BCCI चाहता है बड़े स्कोर बने

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने सभी वेन्यू को ऐसी पिचें तैयार करने के सुझाव दिए हैं, जहां बड़े स्कोर बन सकें. रिपोर्ट में कहा गया है कि बोर्ड ने हर मैदान पर अपने क्यूरेटर नियुक्त किए हैं, जो पिच तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. निर्देशों के अनुसार, पिच से गेंदबाजों को बहुत ज्यादा मदद नहीं मिलनी चाहिए. हल्की स्विंग की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन गेंद को ज्यादा टर्न नहीं मिलना चाहिए. साथ ही पिचों पर घास रखने की बात कही गई है ताकि सतह पूरी तरह सूखी न हो.

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बाउंड्री की दूरी भी तय

रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि BCCI ने बाउंड्री की दूरी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए हैं. बोर्ड चाहता है कि बाउंड्री 77 मीटर से ज्यादा न हो, ताकि बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में आसानी मिले. IPL प्लेऑफ और फाइनल के दौरान पिच तैयार करने की जिम्मेदारी BCCI की केंद्रीय क्यूरेटर टीम के पास रहेगी.

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पिच को लेकर फ्रेंचाइजियों ने कही ये बात

आईपीएल 2026 में बैटिंग फ्रेंडली पिचों को लेकर एक फ्रेंचाइजी सदस्य ने टीओआई को बताया कि, "कुछ टीमों की ताकत उनकी स्पिन गेंदबाजी होती है और वे धीमी पिचों पर बेहतर प्रदर्शन करती हैं, लेकिन अब लगभग सभी मैदानों की पिचें और परिस्थितियां एक जैसी बना दी गई हैं." वहीं, दूसरी फ्रेंचाइजी के सदस्य का कहना था कि, "उनकी टीम के बल्लेबाज तब संघर्ष करने लगते हैं जब पिच से गेंदबाजों को थोड़ी भी मदद मिलने लगती है, जिसकी वजह से कई बार टीम दबाव में आ जाती है."

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