BCCI: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अक्सर खिलाड़ियों को लेकर नए-नए नियम बनाती रहती है. इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि भारतीय क्रिकेट में उम्र का फर्जीवाड़ा होता है. कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपनी उम्र छिपाई और उन्हें बैन भी झेलना पड़ा है. हालांकि अब बीसीसीआई एक नया नियम लाने जा रही है, जिससे खिलाड़ी अब उम्र में फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे. बीसीसीआई ने इस मामले में बड़ा कदम उठाया है. इससे पहले रसिख सलाम, प्रिंस यादव, मनजोत कालरा, नीतीश राणा जैसे स्टार खिलाड़ियों को उम्र का फर्जीवाड़ा करने के लिए बीसीसीआई बैन भी कर चुकी है.

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बीसीसीआई ने उठाया बड़ा कदम

उम्र का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बीसीसीआई ने बड़ा कदम उठाया है. क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई एक ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है, जिससे खिलाड़ी फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे. बीसीसीआई ने एक एजेंसी के साथ करार किया है, जो उम्र के सत्यापन के लिए स्कूल और दूसरे संस्थानों से संपर्क करने के बाद ही खिलाड़ियों के डेथ ऑफ बर्थ को वैध करार देगी. इसमें आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट और स्कूल रिकॉर्ड्स भी चेक किए जाएंगे. इसके अलावा दस्तावेजों को चेक करने के लिए ये एजेंसी ऑनलाइन सत्यापन भी करेगी. बीसीसीआई ने उम्र के फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा कदम उठाया है.

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अब फर्जीवाड़ा करने पर क्या होगा?

नए नियम के आने के बाद अगर कोई भी खिलाड़ी उम्र से जुड़े फर्जीवाड़े में पकड़ा जाता है तो उसे बैन कर दिया जाएगा. वो किसी भी एज ग्रुप क्रिकेट में या फिर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा. हालांकि बीसीसीआई बैन करने से पहले फर्जीवाड़ा करने वाले खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी, ताकि खिलाड़ियों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा. लेकिन अगर कोई खिलाड़ी इसमें दोषी पाया जाता है तो उसका बैन होना कंफर्म है. इसके अलावा बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को बायोमेट्रिक सत्यापन करने का निर्देश जल्द ही देने वाली है. आगामी सीजन के लिए अपनी स्टेट टीम बदलने वाले खिलाड़ियों को इसकी जानकारी 1 सितंबर तक देनी होगी.

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