Indian Cricket Team: अगले साल वनडे वर्ल्ड कप होना है और सभी टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई है. लेकिन टीम इंडिया इस वक्त चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से परेशान है. चोट के कारण टीम के कई अहम खिलाड़ी मैदान से बाहर चल रहे हैं, जो मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है. इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से लड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बीसीसीआई ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन की वैकेंसी के लिए आवेदन मांगे हैं.

BCCI ने निकाली हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन की वैकेंसी

बीसीसीआई ने शुक्रवार, 11 सितंबर को प्रेस रिलीज जारी कर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन के प्रमुख पद के लिए आवेदन मांगे हैं. बोर्ड ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जो एलीट क्रिकेट और कोर ऑफ एजुकेशन प्रोग्राम में स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल सर्विसेज की पूरी जिम्मेदारी संभाल सके. इस पद की सबसे बड़ी जिम्मेदारी खिलाड़ियों की फिटनेस और वेलफेयर, चोटों से बचाव, चोट के बाद वापसी, शारीरिक विकास और बेहतर प्रदर्शन पर रहेगी. इसके अलावा, रिसर्च, नई तकनीक और आधुनिक मेडिकल व स्पोर्ट्स साइंस सेवाओं को अपनाने पर भी खास ध्यान देना होगा.

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यही व्यक्ति टीम इंडिया के चोटिल खिलाड़ियों को तय समय तक फिट करने और उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की निगरानी का पूरा लेखा-जोखा टीम मैनेजमेंट और बोर्ड को देगा, जिसकी रिपोर्टिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को होगी. बोर्ड के मुताबिक, योग्य उम्मीदवार 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं.

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2025 से खाली पड़ा है पद

गौरतलब है कि साल 2025 से ही CoE में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन के हेड का पद खाली है. जब से नितिन पटेल ने इस पद को छोड़ा है, तब से इस पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी है. बोर्ड एक योग्य व्यक्ति की तलाश में है, लेकिन तमाम विदेशी व्यक्तियों ने बेंगलुरु आकर काम करने से इनकार कर दिया था. जिसके चलते इस पद की नियुक्ति में काफी समय लग रहा था. लेकिन श्रीलंका दौरे के लिए जब जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन फिट होकर वापसी नहीं कर सके तो फिर भारतीय खिलाड़ियों की इंजरी चिंता का विषय बन गई.

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बाद में रिपोर्ट सामने आई कि 15 से 16 खिलाड़ी चोटिल होकर अभी तक फिट नहीं हो सके हैं. इस मुद्दे पर वीवीएस लक्ष्मण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सीओई कोई रिहैब सेंटर नहीं है. यहां और भी काम होते हैं. खिलाड़ियों की इंजरी देखने वाले हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस का पद खाली है. उनके इस बयान के मुताबिक खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद समय पर वापसी नहीं करने का यह एक बड़ा कारण बना हुआ है. हाल ही में तेज गेंदबाज हर्षीत राणा चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 से बाहर हो गए हैं. हालांकि, अब बोर्ड ने हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस की वैकेंसी निकाल दी है.

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