Anshuman Gaekwad Sandeep Patil: टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत के बाद पूरा देश जश्न में डूबा हुआ है। टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ की भी शानदार विदाई हो रही है। इस बीच टीम इंडिया का एक कोच ऐसा भी है, जो अस्पताल में भर्ती है। जी हां, महान बल्लेबाज संदीप पाटिल ने इस कोच की मदद की गुहार लगाई है। हम बात कर रहे हैं पूर्व कोच अंशुमान गायकवाड़ की, जो पिछले एक साल से ब्लड कैंसर से जूझ रहे हैं।

पैसों की जरूरत 

संदीप पाटिल ने गायकवाड़ की हेल्थ के बारे में कहा कि 71 साल के पूर्व कोच से मिलने वह लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल गए थे। पाटिल ने बताया कि गायकवाड़ ने उन्हें पैसे की जरूरत के बारे में बताया। संदीप पाटिल ने इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से 125 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की सराहना की है। उन्होंने बोर्ड से गायकवाड़ की सहायता के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

बीसीसीआई कोषाध्यक्ष से की बात 

संदीप पाटिल ने मिड-डे पर इसके बारे में एक कॉलम लिखा है। उन्होंने लिखा- "अंशु ने मुझसे अपने इलाज के लिए पैसों की जरूरत के बारे में बताया। मैंने इसके बारे में दिलीप वेंगसरकर और बीसीसीआई कोषाध्यक्ष आशीष शेलार से भी चर्चा की है। आशीष शेलार ने कहा कि वह फंड पर विचार करेंगे।"

कब से कब तक रहे कोच?

गायकवाड़ टीम इंडिया के अग्रणी खिलाड़ी रहे। उन्होंने 1975 से 1987 के बीच 12 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेले। उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट और 15 एकदिवसीय मैचों में प्रतिनिधित्व किया। गायकवाड़ दो बार भारत के मुख्य कोच रह चुके हैं। उनके पहला 1997 से 1999 के बीच और दूसरा कार्यकाल साल 2000 में रहा। ये भी पढ़ें: मोहम्मद रिजवान ने पाकिस्तान की शर्मनाक हार तोड़ी चुप्पी, टीम में पॉलिटिक्स के सवाल पर दिया ये जवाब

सचिन तेंदुलकर थे कप्तान

उनके पहले कार्यकाल के दौरान सचिन तेंदुलकर कप्तान थे। जबकि दूसरा कार्यकाल मैच फिक्सिंग कांड के बाद था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। गायकवाड़ के पहले कार्यकाल में अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट की पारी में 10 विकेट चटकाए थे। वहीं भारत ने ऑस्ट्रेलिया को घरेलू श्रृंखला में 2-1 से शिकस्त दी थी। दूसरे कार्यकाल में गायकवाड़ ने भारत को 2000 में आईसीसी नॉकआउट के फाइनल में पहुंचाया। वह 1990 के दशक में राष्ट्रीय चयनकर्ता भी थे। वर्तमान में वह भारतीय क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। ये भी पढ़ें: IND Vs ZIM: कितने बजे से शुरू होगा भारत-जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला? नोट कर लें टाइमिंग  ये भी पढ़ें:- दिग्गजों ने जीता जहां, अब नए लड़ाकों की बारी…जिम्बाब्वे के सामने आसान नहीं होगी राह ये भी पढ़ें:-Rohit Sharma नहीं लेना चाहते थे संन्यास, तो क्या गौतम गंभीर बन गए वजह?