Science News in Hindi: वैज्ञानिकों के अनुसार हमारी धरती की उम्र लगभग 450 करोड़ साल मानी गई है. शोधकर्ताओं ने इस उम्र का अंदाजा सौर मंडल के शुरुआती पदार्थों और पृथ्वी की सबसे पुरानी चट्टानों के रेडियोमेट्रिक डेटिंग विश्लेषण के आधार पर लगाया है. आधुनिक गणना के मुताबिक पृथ्वी की सटीक उम्र 4.54 अरब वर्ष के आसपास है जिसमें केवल 1 फीसदी यानी लगभग 5 करोड़ साल का ऊपर-नीचे अंतर होने की गुंजाइश हो सकती है. यह खोज इंसानी सभ्यता के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है क्योंकि सदियों से लोग इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश में जुटे थे.
प्राचीन धारणाएं और सदियों से चलता आ रहा विवाद
धरती की उम्र का पता लगाने के लिए सदियों से अलग-अलग थ्योरी सामने आती रही हैं. एक प्रसिद्ध ग्रीक दार्शनिक ने तो पृथ्वी की उम्र को असंख्य साल बताया था जिसका कोई अंत नहीं था. वहीं प्राचीन भारत के विद्वानों ने बिग बैंग जैसी ब्रह्मांडीय घटना के आधार पर उस दौर में धरती की उम्र लगभग 190 करोड़ साल होने का अनुमान लगाया था. हाउ स्टफ वर्क्स वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग कालखंड में विद्वानों और शोधकर्ताओं ने अपनी समझ के हिसाब से पृथ्वी की आयु को लेकर कई तरह के दावे किए जो आधुनिक विज्ञान के आने तक रहस्य ही बने रहे.
यह भी पढ़ें: वैज्ञानिकों को मिला ब्रह्मांड में ‘खजानों का ग्रह’, जहां आसमान से पानी नहीं, बेशकीमती हीरों की होती है बारिश!
क्लेयर पैटर्सन की खोज और 20वीं सदी का बड़ा खुलासा
धरती की उम्र का सबसे सटीक और वैज्ञानिक अंदाजा 20वीं शताब्दी में ही लगाया जा सका था. साल 1953 में मशहूर वैज्ञानिक क्लेयर पैटर्सन ने आसमान से गिरे सदियों पुराने उल्कापिंडों की बारीकी से जांच की थी. इस जांच के दौरान उन्होंने पाया कि उल्कापिंडों और पृथ्वी के निर्माण का समय लगभग एक ही है. इसी रिसर्च के आधार पर यह आधिकारिक रूप से माना गया कि धरती की असल उम्र 450 करोड़ साल है. पैटर्सन की इस खोज ने पुरानी सभी अटकलों पर विराम लगा दिया और दुनिया को पृथ्वी के जन्म का एक ठोस प्रमाण दिया.
भविष्य की चुनौतियां और धरती का अस्तित्व
भले ही वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की उम्र का पता लगा लिया हो लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह ग्रह और कितने सालों तक सुरक्षित रहेगा. वैज्ञानिक लगातार धरती के बदलते वातावरण और सौर मंडल की गतिविधियों पर रिसर्च कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि जीवन कब तक संभव है. पृथ्वी पर मौजूद सबसे पुरानी चट्टानें और अंतरिक्ष से आने वाले पत्थर हमें यह सिखाते हैं कि ब्रह्मांड में कुछ भी स्थायी नहीं है. फिलहाल 450 करोड़ साल का सफर तय कर चुकी हमारी धरती सौर मंडल का सबसे अनोखा ग्रह बनी हुई है जहां जीवन फल-फूल रहा है.
संबंधित खबरें
फ्रांसिस हैल्जेन ने जीता फिजिक्स का नोबेल प्राइज 2026
1 day ago'ऑप्टोजेनेटिक्स' पर काम करने वाले 3 साइंटिस्ट्स को मेडिसिन में नोबेल प्राइज
2 days agoखतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino
5 days agoSpaceX का रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां कोई इंसान न गया हो
9 days agoअंतरिक्ष में मिल गया जीवन? करोड़ों किमी दूर एक ग्रह से आ रहे रेडियो सिग्नल
11 days agoAI बताएगा बारिश का हाल, लेकिन 2070 की तैयारी आज से करनी होगी
12 days agoचक्रवात का कैसे पड़ा नाम 'अर्नब', क्या मचाने वाला है कोहराम?
15 days agoSunita Williams: 'पृथ्वी पर किस चीज को हम लेते हैं फॉर ग्रांटेड, जो स्पेस में नहीं?'
28 days agoमौसम का सितम नहीं झेल पाएंगे भारत के ये शहर! दुनिया के टॉप 20 'डेंजर' सिटी में शामिल
29 days ago'बेबुनियाद और गलत', ISRO ने निजीकरण की अफवाहों पर दिया करारा जवाब
31 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines