National Space Day: बेंगलुरु स्थित इसरो कमांड सेंटर में ISRO वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने देश में प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन भारत के चंद्रयान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने लैंडर और रोवर को सफलतापूर्वक उतार कर इतिहास रच दिया था। अतः इस दिन को नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाने से देश के लोगों को प्रेरणा मिलती रहेगी। इस संबंध में पीएमओ ने एक ट्वीट भी किया है।
यह भी पढ़ें: 2 सितंबर को सूर्य की यात्रा पर निकलेगा Aditya-L1, ऐसा करने वाला अमरीका के बाद दूसरा देश होगा भारत
कहा, बच्चों में साइंस के प्रति रुझान बढ़ेगा
उन्होंने कहा कि जिस दिन भारत का तिरंगा चंद्रमा पर पहुंचा, उस दिन को नेशनल स्पेस डे (National Space Day) के रूप में मनाने से देश के बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत होगी। जब कोई बच्चा रात को चांद को देखेगा तो वह अनुभव करेगा कि जिस जज्बे और हौसले से देख चंद्रमा पर पहुंचा है, वही हौसला और उत्साह उस बच्चे के अंदर भी है। चंद्रयान की इस सफलता ने भारत के बच्चों में आकांक्षाओं के बीज बो दिए हैं जो भविष्य में वटवृक्ष का रूप लेकर विकसित भारत की नींव बनेंगे।
स्पेस साइंस से जुड़ी तकनीक देश के हित में प्रयोग करने का किया आग्रह
वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण घटना भारत के युवाओं को नई खोज करने का उत्साह और हौसला देगी। पीएम मोदी ने चंद्रयान की सफलता पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना भी की। उन्होंने वैज्ञानिकों से स्पेस साइंस से जुड़ी तकनीकों को आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा देश को आगे बढ़ाने के लिए भी उपयोग लेने का आग्रह किया।
यह भी पढ़ें: ISRO वैज्ञानिकों से मिलकर 3 बार भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- चंद्रयान-3 की सफलता साधारण नहीं है
प्राचीनकाल में भारतीय मनीषियों द्वारा की गई खोजों का भी किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि देश में अति प्राचीनकाल से ही विज्ञान और शोध को अत्यन्त महत्व दिया गया था। प्राचीन समय से ऋषि-मुनि वैज्ञानिक खोजों में जुटे हुए थे। जब दुनिया को कुछ पता नहीं था तब आर्यभट्ट ने बताया था कि पृथ्वी गोल है। इसके अलावा भी सूर्य सिद्धान्त जैसे कई प्राचीन ग्रंथों में अंतरिक्ष से जुड़े रहस्यों की खोज की गई है। बाद में लंबे समय तक गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहने के कारण भारत अपने इस गौरव को भूल गया था।
संबंधित खबरें
ISRO की सफलता, भारत का देसी GPS 'NavIC' चालू, अब US नेविगेशन की जरूरत नहीं
3 days agoधरती पर गिरेगा NASA का टेलीस्कोप, मुंबई-हैदराबाद से टकरा सकता है मलबा
4 days agoसह्याद्रि के जंगल कटे तो तमिलनाडु की बारिश प्रभावित हो सकती है
5 days agoक्या किसी आपदा का संकेत? पहली बार 30°C तक गर्म हुआ प्रशांत महासागर
14 days agoमंगल के चांद से मिट्टी क्यों लाना चाहता है जापान, क्या है MMX मिशन?
17 days agoदुनिया के सबसे प्रदूषित 20 शहरों में से 13 भारत में, दिल्ली का नाम नहीं
19 days agoजिंदगी के लिए पृथ्वी के अलावा साइंटिस्ट्स को क्यों है बेहतर ग्रह की उम्मीद?
24 days ago11 अक्टूबर को धरती से टकरा सकता जबरदस्त सौर तूफान, भारत पर क्या होगा असर?
28 days agoसुपर-डुपर अल नीनो मजबूत, धरती के बड़े हिस्से में बढ़ेगी गर्मी
30 days agoफ्रांसिस हैल्जेन ने जीता फिजिक्स का नोबेल प्राइज 2026
32 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines