नासा और इसरो के साझा अंतरिक्ष मिशन निसार (NISAR) ने दुनिया के सबसे तेजी से धंसते शहरों में से एक मैक्सिको सिटी को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है. इस शक्तिशाली सैटेलाइट ने शहर के नीचे जमीन के खिसकने का एक सटीक नक्शा तैयार किया है जिससे पता चलता है कि यहां की जमीन बहुत तेजी से नीचे जा रही है. लगभग 2 करोड़ की आबादी वाला यह शहर एक प्राचीन झील की सूखी तलहटी पर बसा है. बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल का बहुत ज्यादा दोहन और भारी इमारतों का वजन इस धंसान की मुख्य वजह माना जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि शहर के कुछ हिस्से हर साल 35 सेंटीमीटर तक धंस रहे हैं जिससे मेट्रो, सड़कें और मकानों को भारी नुकसान पहुंच रहा है.

निसार सैटेलाइट की ताकत

जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया निसार सैटेलाइट अब तक के सबसे आधुनिक रडार सिस्टम से लैस है जो दिन-रात और किसी भी मौसम में काम कर सकता है. यह सैटेलाइट बादलों या बारिश की परवाह किए बिना पृथ्वी की सतह पर होने वाले मामूली बदलावों को भी पकड़ लेता है. अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच मिले शुरुआती डेटा ने सबको हैरान कर दिया है क्योंकि मैक्सिको सिटी के कुछ इलाके हर महीने करीब 2 सेंटीमीटर तक नीचे धंस रहे हैं. नक्शे में गहरे नीले रंग के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं जहाँ जमीन धंसने की रफ्तार सबसे अधिक है. बेनिटो जुआरेज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास भी जमीन के धंसने के साफ संकेत मिले हैं जो भविष्य के लिए बड़ा खतरा हैं.

---विज्ञापन---

ऐतिहासिक इमारतों पर पड़ता असर

शहर की मशहूर 'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' यानी स्वतंत्रता देवी की मूर्ति इस समस्या का सबसे बड़ा जीता-जागता सबूत पेश करती है. साल 1910 में बनाई गई इस 36 मीटर ऊंची मूर्ति के आसपास की जमीन इतनी नीचे जा चुकी है कि प्रशासन को यहां 14 अतिरिक्त सीढ़ियां लगानी पड़ी हैं ताकि लोग वहां तक पहुंच सकें. नाबोर कैरिलो झील के आसपास के इलाकों में भी जमीन तेजी से पाताल की ओर जा रही है. निसार के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लंबी तरंगदैर्ध्य वाली रडार तकनीक घने जंगलों और तटीय इलाकों में भी जमीन के धंसने और समुद्र के बढ़ते स्तर को ट्रैक करने में बहुत मददगार साबित होगी. यह डेटा भविष्य में होने वाली बड़ी तबाही को रोकने के लिए बहुत जरूरी है.

---विज्ञापन---

भविष्य की चुनौतियां और समाधान की सख्त जरूरत

मैक्सिको सिटी जैसी समस्या आज दुनिया के कई बड़े शहरों में पैर पसार रही है और अगर इसे समय रहते नहीं रोका गया तो लाखों लोगों का जीवन संकट में पड़ सकता है. इमारतें गिर सकती हैं और पीने के पानी की किल्लत एक बड़ा मानवीय संकट पैदा कर सकती है. भारत और अमेरिका का यह संयुक्त मिशन निसार शहर की प्लानिंग, पानी के प्रबंधन और आपदाओं से बचाव में मील का पत्थर साबित होने वाला है. प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिकों का मानना है कि इस डेटा के जरिए दुनिया भर में नई खोजें होंगी और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी. यह मिशन न केवल पृथ्वी को समझने का एक बड़ा कदम है बल्कि बढ़ते शहरीकरण के खतरों से लड़ने की दिशा में एक जरूरी वैज्ञानिक प्रयास भी है.

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---