NASA Alert: ब्रह्मांड में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए आज रात एक बेहद अनोखा और दुर्लभ नजारा देखने का मौका मिलने वाला है. अमेरिकी स्पेस एजेंसियों नासा (NASA) और नोआ (NOAA) स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने सूरज से उठे एक शक्तिशाली सौर तूफान (सोलर स्टॉर्म) को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है. वैज्ञानिकों के मुताबिक 6 जून को सूरज की सतह पर मौजूद 'एक्टिव रीजन 4461' नाम के हिस्से में एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिससे एम1.8 (M1.8) श्रेणी की सौर लपटें उठी थीं. इसके साथ ही अंतरिक्ष में तैरता हुआ एक विशाल प्लाज्मा बादल जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहा जाता है, बहुत तेज रफ्तार से हमारी धरती की ओर बढ़ रहा है और आज रात इसके टकराने की पूरी संभावना है.

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1400 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार

स्पेस वैज्ञानिकों के अनुसार सूरज से निकला यह प्लाज्मा बादल करीब 1400 किलोमीटर प्रति सेकंड की तूफानी रफ्तार से सफर कर रहा है. जब यह आज रात धरती के चुंबकीय क्षेत्र (मैग्नेटिक फील्ड) से टकराएगा, तो एक बड़ा भूचुंबकीय तूफान पैदा होगा. इस सौर तूफान को 'जी3' (G3) यानी मजबूत श्रेणी में रखा गया है. विज्ञान की भाषा में सौर तूफानों को जी1 से जी5 तक मापा जाता है, जिसमें जी5 सबसे खतरनाक होता है. इस जी3 स्तर के तूफान के कारण अंतरिक्ष में चक्कर काट रहे सैटेलाइट सिग्नल्स प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मोबाइल जीपीएस (GPS) में गड़बड़ी, रेडियो कम्युनिकेशन में रुकावट और कुछ देशों में पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है.

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लद्दाख के हान्ले में दिखेगी अद्भुत रोशनी

इस सौर तूफान का सबसे खूबसूरत और दिलचस्प पहलू आसमान में दिखने वाला जादुई नजारा होगा जिसे 'अरोरा' या नॉर्दन लाइट्स कहा जाता है. आज रात करीब 11:30 बजे से लेकर 9 जून की रात 2:30 बजे के बीच भारत के लद्दाख में स्थित हान्ले जैसी ऊंचे और बेहद अंधेरे वाले इलाकों में आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से चमक सकता है. हान्ले समुद्र तल से करीब 4500 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और वहां 'इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी' भी मौजूद है. इससे पहले इसी साल जनवरी 2026 और साल 2024 में आए सबसे खतरनाक जी5 श्रेणी के तूफान के दौरान भी लद्दाख के आसमान में यह दुर्लभ नजारा रिकॉर्ड किया गया था.

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आसमान में हल्की लाल या गुलाबी चमक

लद्दाख के अलावा नुब्रा वैली, पैंगोंग त्सो, कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी हिस्सों और उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर भी आसमान में हल्की लाल या गुलाबी चमक दिखाई दे सकती है, बशर्ते वहां मौसम पूरी तरह साफ हो. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे देश के बड़े महानगरों में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख पाएंगे क्योंकि इन शहरों में लाइट पॉल्यूशन (कृत्रिम रोशनी का प्रदूषण) बहुत ज्यादा है. दुनिया के अन्य देशों जैसे कनाडा, अमेरिका, स्कॉटलैंड और आइसलैंड में यह नजारा ज्यादा साफ दिखेगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि सौर तूफान की तीव्रता आखिरी समय में बदल भी सकती है, इसलिए अरोरा दिखने की संभावना जरूर है लेकिन इसकी शत-प्रतिशत गारंटी नहीं है.

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