Liquid Gold Discover: जापान की तोहोकू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अद्भुत और क्रांतिकारी आविष्कार किया है जो आने वाले समय में पूरी दुनिया की तकनीक को बदल कर रख देगा. वैज्ञानिकों ने सोने के कुछ ऐसे विशेष नैनोपार्टिकल्स यानी बेहद सूक्ष्म कणों की खोज की है जो बिल्कुल किसी तरल या लिक्विड की तरह काम करते हैं. इन कणों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये किसी सजीव यानी जीवित वस्तु की तरह बाहरी तापमान और दबाव के हिसाब से अपनी पूरी शारीरिक संरचना को बदलने में सक्षम हैं. वैज्ञानिकों की यह अनोखी खोज भविष्य में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, दवाओं की डिलीवरी तकनीक, स्मार्ट सतहों और माइक्रोफ्लुइडिक उपकरणों के निर्माण में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाली है.
तापमान और दबाव मिलते ही बदल जाती है पूरी संरचना
प्रतिष्ठित जर्नल ‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन केमिकल सोसायटी’ में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रोफेसर कियोशी कानी और डॉक्टर रीना सातो की देखरेख में इस रिसर्च को अंजाम दिया गया है. वैज्ञानिकों ने हवा और पानी के बीच की सतह पर मौजूद सोने के नैनोपार्टिकल्स पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया. इन पार्टिकल्स को खास बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने इन पर दो अलग-अलग तरह के कार्बनिक अणुओं की परत चढ़ाई. सामान्य स्थिति में ये कण अलग-अलग छोटे द्वीपों जैसे टुकड़ों में बिखरे रहते हैं. लेकिन जैसे ही वहां का तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, ये आपस में जुड़कर एक जाल जैसा बड़ा नेटवर्क बना लेते हैं. वहीं दोबारा दबाव पड़ने पर ये नेटवर्क से वापस छोटे द्वीपों में बदल जाते हैं.
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कैंसर के इलाज और दवाओं की सटीक डिलीवरी में मिलेगी मदद
इस अद्भुत नैनोमटेरियल की सबसे खास बात यह है कि यह बदलाव मानव शरीर के सामान्य तापमान के आस-पास ही दिखाता है. इसी वजह से इसका सबसे बेहतरीन इस्तेमाल चिकित्सा और बायोमेडिकल के क्षेत्र में किया जा सकता है. इस तकनीक की मदद से भविष्य में ऐसी स्मार्ट दवाएं बनाई जा सकेंगी जो शरीर के भीतर केवल किसी खास हिस्से या ट्यूमर वाले हिस्से के तापमान पर ही एक्टिव होंगी और वहीं जाकर अपनी दवा को रिलीज करेंगी जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज बेहद सटीक और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा. इसके अलावा इस तकनीक का इस्तेमाल लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों, नैनोसेंसरों और रोबोटिक्स में भी बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा.
भविष्य के स्मार्ट और खुद ठीक होने वाले सामानों का रास्ता साफ
हालांकि यह रिसर्च अभी अपने शुरुआती चरण में है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि यह असली स्मार्ट मैटेरियल्स बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ी छलांग है. अब तक हम केवल ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते आए हैं जिनका आकार और गुण हमेशा एक जैसा रहता है. लेकिन इस खोज के बाद भविष्य में ऐसी चीजें बनाई जा सकेंगी जो जरूरत के हिसाब से खुद ब खुद अपना आकार बदल लेंगी, अपनी मरम्मत खुद कर लेंगी और पर्यावरण के हिसाब से खुद को ढाल लेंगी. नैनोस्केल इंजीनियरिंग के जरिए प्रकृति की तरह सूक्ष्म स्तर पर बदलाव करके पूरी दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग और मेडिकल इंडस्ट्री को एक बिल्कुल नए और आधुनिक युग में ले जाने का यह रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
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