Nostradamus Prediction: चीन के नास्त्रेदमस कहे जाने वाले मशहूर राजनीतिक विश्लेषक और शिक्षक प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी की गई यूएफओ फाइल्स पर एक बेहद चौंकाने वाला और डरावना दावा किया है. जियांग ज्यूकिन अपनी उन सटीक भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं जिसमें उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की दोबारा सत्ता में वापसी और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बड़े संघर्ष की बात पहले ही कह दी थी. अब ट्रंप सरकार द्वारा मई 2025 से यूएफओ और यूएपी से जुड़े गुप्त दस्तावेजों, वीडियो और तस्वीरों को सार्वजनिक किए जाने के बाद जियांग ने दुनिया को चेताया है. उनका कहना है कि इस खुलासे के पीछे असली कहानी एलियंस की नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में बड़े अत्याचार होंगे और इंसानी सभ्यता पूरी तरह बिखर जाएगी.
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एलियंस की बात सच है या झूठ?
एक इंटरव्यू के दौरान जियांग ज्यूकिन ने साफ कहा कि यूएफओ के पीछे एलियंस या किसी दूसरी दुनिया की तकनीक होने का दावा पूरी तरह बकवास और सिरपैर की बात है. उनके मुताबिक असल में कोई एलियंस नहीं हैं, बल्कि यह सब आम जनता का ध्यान भटकाने का एक सोचा-समझा तरीका है. ट्रंप प्रशासन ने अब तक दो बड़ी किश्तों में करीब 46 ऐसे वीडियो जारी किए हैं जिनमें सैन्य ठिकानों के ऊपर धातु के गोले और चमकते हुए अजीब ऑब्जेक्ट उड़ते दिख रहे हैं. जियांग का मानना है कि इस तरह के खुलासे लोगों को आर्थिक तंगी, राजनीतिक लड़ाई और समाज की वास्तविक समस्याओं से दूर ले जाकर एक काल्पनिक दुनिया में धकेल रहे हैं, जिससे समाज अंदर से खोखला हो जाएगा.
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जियांग ने दुनिया को क्या चेतावनी दी है?
जियांग ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कहानियों के असर से समाज कई टुकड़ों में बंटता जा रहा है. कोई यूएफओ के डर में जी रहा है, कोई एआई से डरा है तो कोई सरकारी साजिशों और जादुई शक्तियों पर भरोसा कर रहा है. लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से अलग-अलग डर के बुलबुले बनाकर सच्चाई से पूरी तरह मुंह मोड़ रहे हैं. उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए समझाया कि बड़े-बड़े साम्राज्य बाहरी हमलों से नहीं, बल्कि अपनी अंदरूनी कलह, थकान और आपसी विभाजन की वजह से तबाह हुए हैं. जब देश के लोग हकीकत का सामना करने के बजाय काल्पनिक कहानियों के पीछे छिपने लगते हैं, तो वह राष्ट्र अपने आप बेहद कमजोर और लाचार हो जाता है.
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सर्न और एआई के पीछे छिपा है बड़ा खेल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए चीनी विश्लेषक ने सर्न (CERN) के लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महाप्रोजेक्ट्स पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारें सिर्फ छोटे कणों को ढूंढने के लिए हजारों करोड़ डॉलर पानी की तरह नहीं बहा रही हैं, बल्कि इसके पीछे दूसरी दुनिया के पोर्टल खोलने की पुरानी थ्योरी जुड़ी हुई है. इतिहास में हमेशा से अमीर और ताकतवर एलीट वर्ग इंसानी समझ से परे जादुई या इंटर-डायमेंशनल ताकतों पर भरोसा करता आया है. ट्रंप सरकार का यूएफओ खुलासा अभी आगे भी जारी रहेगा, लेकिन वैज्ञानिकों की बहस के बीच जियांग जैसे जानकारों की यह बात सोचने पर मजबूर करती है कि इसका असली मकसद सच बताना है या समाज में अविश्वास की दरार पैदा करना है.
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