Yam Deepak 2026: आज 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है. कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि पर एक दीपक मृत्यु के देवता यमराज के लिए जलाया जाता है. यमराज के नाम दीपक जलाने की परंपरा को यम दीपक या यम दीपम के नाम से जानते हैं. यमराज के लिए दीपदान करने का अनुष्ठान परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए होता है. आज धनतेरस पर शाम के समय शुभ मुहूर्त में यमराज के नाम दीपदान कर सकते हैं.
कब करें यमराज के नाम का दीपदान?
यम दीपक जलाने यानी यमराज के नाम दीपदान करने का सबसे उत्तम समय शाम का होता है. शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाना चाहिए. आप घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जला सकते हैं. आज यम दीपक जलाने का समय शाम 5 बजकर 33 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर रहेगा. इस दौरान यमराज के नाम दीपदान कर सकते हैं. आप यमराज के नाम का दीपदान करने के साथ ही परिवार की सुरक्षा और अकाल मृत्यु से बचाव के लिए प्रार्थना करें.
कैसे जलाएं यम दीपक?
यम दीपक जलाने के लिए मिट्टी का बड़ा दीपक लें. आप चाहे तो आटे का चौमुखी दीपक बना सकते हैं. दीपक में रूई की चार बतियां लगाएं. दीपक में सरसों का तेल या तिल का तेल डालें. इसके बाद इसमें थोडे साबुत चावल डालें. यम का दीपक घर के मुख्य द्वार पर या घर की दक्षिण दिशा में जला सकते हैं. शाम को सूर्यास्त के बाद शुभ मुहूर्त में ही यम का दीपक जलाएं.
यम दीपक जलाने का महत्व
यम दीपक मृत्यु के देवता यमराज के नाम जलाया जाता है. यम दीपक जलाने से घर-परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है. यमराज के नाम दीपक जलाने से जीवन की सुरक्षा होती है. इसे परिवार के कल्याण और सकारात्मकता का प्रतीक मानते हैं. यमराज का दीपक जलाने के बाद यमराज से परिवार की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.