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Sankashti Chaturthi: अप्रैल मास में कब है विकट संकष्टी चतुर्थी, नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय

Vikata Sankashti Chaturthi 2026: अप्रैल 2026 में विकट संकष्टी चतुर्थी कब है और क्यों मानी जाती है खास? जानें इस व्रत का सही समय, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय.

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Vikata Sankashti Chaturthi 2026: अप्रैल 2026 का महीना इस बार गणपति भक्तों के लिए खास बन रहा है. वैशाख मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी, जिसे विकट संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जीवन की बाधाएं दूर करने वाला दिन माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किया गया व्रत और पूजन मनोकामनाओं को पूरा करता है और कठिन परिस्थितियों से राहत देता है. आइए जानते हैं, विकट संकष्टी चतुर्थी कब है और शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय क्या है?

कब है विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत?

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को सुबह 11:59 बजे होगी. इसका समापन 6 अप्रैल को दोपहर 2:10 बजे होगा. उदय तिथि के आधार पर व्रत 5 अप्रैल, रविवार को रखा जाएगा. रविवार का संयोग इस व्रत को और फलदायी बना रहा है.

पूजा के शुभ मुहूर्त

इस दिन कई शुभ समय मिल रहे हैं. सुबह 7:41 से दोपहर 12:24 तक पूजा का श्रेष्ठ समय है. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:35 से 5:21 तक रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त 11:59 से 12:49 तक है, जो काफी खास माना गया है. लाभ और अमृत काल भी पूजा के लिए अनुकूल हैं.

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ऐसे करें गणपति की पूजा

  • सुबह जल्दी उठें. स्नान करें. साफ कपड़े पहनें. व्रत का संकल्प लें.
  • एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं. गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें.
  • गणपति को गंगाजल से स्नान कराएं. सिंदूर और अक्षत अर्पित करें.
  • दूर्वा चढ़ाएं. 21 दूर्वा चढ़ाना बहुत जरूरी माना गया है.
  • इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें.
  • मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं.
  • धूप और दीप जलाकर आरती करें. व्रत कथा का पाठ भी करें.

चंद्रोदय और व्रत पारण

इस दिन चंद्रोदय रात में 9:58 पीएम बजे होगा. चंद्रमा को अर्घ्य देना जरूरी है. चांदी या किसी साफ पात्र में जल लें. उसमें दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाएं. चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य दें. इसके बाद ही व्रत खोलें.

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व्रत के विशेष लाभ

मान्यता है कि यह व्रत आर्थिक समस्याएं दूर करता है. परिवार में सुख-शांति लाता है. बच्चों की सुरक्षा और उन्नति के लिए भी इसे खास माना जाता है. विद्यार्थियों के लिए यह दिन ध्यान और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक माना जाता है.

संकष्टी चतुर्थी के टिप्स

व्रत के दौरान पानी और फल ले सकते हैं. दिन भर सकारात्मक सोच रखें. क्रोध से दूर रहें. शाम को गणेश जी के सामने दीपक जलाना शुभ माना जाता है. जरूरतमंदों को दान करना भी इस दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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