Vastu Shastra: घर की नेम प्लेट भी कर सकती है बर्बाद, जानें 7 वास्तु टिप्स

Vastu Shastra: वास्तु नियम के अनुसार, घर की नेम प्लेट केवल आपकी पहचान या पता नहीं बताती है, बल्कि सौभाग्य और समृद्धि को भी बढ़ावा देती हैं। वहीं, गलत जगह पर लगी नेम प्लेट से जीवन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं, नेम प्लेट लगाते समय किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

Name Plate
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Vastu Shastra: घर की नेम प्लेट न केवल घर और व्यक्ति का एड्रेस बताती है, बल्कि मेन गेट की सजावट के साथ भाग्य को भी प्रभावित करती है। भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार, एक उपयुक्त नेम प्लेट सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, जो घर की सुख, शांति और समृद्धि को बढ़ावा देते हैं। वास्तु नियम के मुताबिक सही जगह पर लगी नेम प्लेट जहां उन्नति की ओर ले जाती है, वहीं गलत जगह लगी घर की नेम प्लेट बर्बादी का कारण बन सकती है। दरअसल, भारतीय वास्तु शास्त्र का उद्देश्य जीवन जीवन में समृद्धि और खुशहाली को बढ़ाना है और इसमें मकान के हर पहलू पर भली-भांति विचार किया गया है। आइए जानते हैं, घर की नेम प्लेट को लेकर वास्तु शास्त्र क्या कहता है?

कैसी होनी चाहिए घर की नेम प्लेट?

वास्तु के अनुसार, नेम प्लेट हमेशा आयताकार या वर्गाकार होनी चाहिए। वृत्ताकार, त्रिकोण और विषम आकृति की नेम प्लेट अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। बहुत से लोग नेम प्लेट को टांगने के लिए या खूबसूरती बढ़ाने लिए में छेद करवाते हैं। ऐसा करने घर के मालिक और घर की प्रतिष्ठा पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही फिजूलखर्ची बहुत बढ़ सकती है

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बाउंड्री वाल की गेट की नेम प्लेट

घर की नेम प्लेट कहां होनी चाहिए यह स्थान और नेम प्लेट के प्रकार पर निर्भर करती है। वास्तु नियम के मुताबिक मकान की बाउंड्री के गेट पर नेम प्लेट दीवाल की ऊंचाई के बीच में होनी चाहिए। यहां पर यह दायीं ओर लगाना सबसे बढ़िया होता है। अगर बायीं ओर लगाने के मजबूरी हो, तो इसे साइज में छोटा और वर्गाकार रखने से लाभ होता है।

घर के मेन गेट की नेम प्लेट

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की मेन गेट की नेम प्लेट हमेशा दरवाजे के बायीं ओर रखनी चाहिए। साथ ही इसकी ऊंचाई दरवाजे के आधे हिस्से के ऊपर होनी चाहिए, नीचे नहीं। दरवाजे के आधे हिस्से से नीचे वाली नेम प्लेट घर और जीवन में अभाव और निराशा को बढ़ावा देती है। वहीं, दरवाजे के आधे हिस्से के ऊपर लगी नेम प्लेट घर में धन की आमद को बरकरार रखने में सहायता करता है। साथ ही यह परिवार के सदस्यों के सौभाग्य और स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

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ऑफिस के लिए नेम प्लेट

वास्तु के अनुसार ऑफिस के लिए तांबा, पीतल या कांसे की नेम प्लेट अच्छी मानी जाती हैं। लोहे का उपयोग अशुभ माना गया है। शीशम, सागौन या नीम की लकड़ी से बने नेम प्लेट भी अच्छे होते हैं। जहां तक रंग की बात है, तो सफेद, हल्का पीला, या सुनहरा रंग शुभ माना जाता है।

नेम प्लेट के इन टिप्स का भी रखें ध्यान

  • नेम प्लेट को कभी लटकता हुआ नहीं छोड़ना चाहिए। यह चेक करते रहना चाहिए यह ठीक से लगी हो।
  • यदि घर की मेन गेट लिफ्ट के ठीक सामने हो, तो प्रयास करें कि नेम प्लेटे न लगवाएं।
  • नेम प्लेट रुखड़ी या दानेदार नहीं होनी चाहिए।
  • नेम प्लेट पर स्वस्तिक या ॐ का चिन्ह शुभ माना जाता है।
  • भगवान गणेश का प्रतीक या मूर्ति को नेम प्लेट के भीतर नहीं रखना चाहिए।
  • शीशम, सागौन, चीड़, देवदार और आम की लकड़ी से बनी नेम प्लेट शुभ होती है।
  • नेम प्लेट अक्षर स्पष्ट, सुगम और पढ़ने में आसान होने चाहिए, जो कम से कम 2-3 फीट की दूरी से साफ-साफ दिखाई दे।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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