हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Tulsidas Jayanti 2026: कारागार में भक्ति की अनोखी गाथा, जानिए तुलसीदास जी ने कैसे की थी हनुमान चालीसा की रचना?

Tulsidas Jayanti 2026: हनुमान चालीसा की रचना महान संत और भगवान श्रीराम के परम भक्त गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी. उन्होंने हनुमान चालीसा की रचना अकबर की कैद में कारागार में रहते हुए की थी.

विज्ञापन
Photo Credit- AI

Tulsidas Jayanti 2026: तुलसीदास जी महान संत और भगवान श्रीराम के परम भक्त थे. वह 16वीं शताब्दी के महान संत थे. वह हनुमान जी की भक्ति करते थे. तुलसीदास जयंती सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है. तुलसीदास जी ने रामचरितमानस महाकाव्य, हनुमान चालीसा और कई महाकाव्य की रचना की थी. उन्होंने अकबर की कैद में रहकर हनुमान चालीसा की रचना की थी.

तुलसीदास जंयती 2026 (Tulsidas Jayanti Date)

सावन शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि का आरंभ 18 अगस्त की शाम को 5 बजकर 50 मिनट पर होगा. इसका समापन अगले दिन 19 अगस्त को रात 7 बजकर 19 मिनट पर होगा. तुलसीदास जयंती 19 अगस्त को है. गोस्वामी तुलसीदास जी ने मुश्किल परिस्थितियों में हनुमान चालीसा की रचना की थी. तुलसीदास जयंती के शुभ अवसर पर हनुमान चालीसा की रचना की कहानी के बारे में जानते हैं.

ये भी पढ़ें – Shiv Ji Puja: शिव जी की पूजा के लिए क्यों खास है सोमवार? करते हैं व्रत और पूजन, लेकिन नहीं जानते होंगे ये वजह

विज्ञापन

अकबर की कैद में लिखी थी हनुमान चालीसा?

प्रचलित कहानियों के अनुसार, एक बार मुगल बादशाह अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाया था. इसके बाद अकबर ने तुलसीदास जी से चमत्कार दिखाने के लिए कहा. उनके मना करने से अकबर ने तुलसीदास जी को फतेहपुर सीकरी के कारागार में डाल दिया था. तुलसीदास जी ने अकबर की कैद में रहने के दौरान हनुमान चालीसा की रचना की थी.

तुलसीदास जी ने कारागार में रोजाना हनुमान जी की स्तुति की और रोजानाा एक चौपाई लिखि. इस प्रकार 40 दिनों तक अकबर की कैद में रहने के दौरान तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. लोक कथाओं के अनुसार, तुलसीदास जी के कैद में होने के दौरान 40वें दिन बंदरों ने फतेहपुर सीकरी के कारागार में हमला कर दिया. अकबर की सेना भी उन्हें नहीं रोक पाई. इसके बाद एक दरबारी ने सलाह दी कि, तुलसीदास जी को मुक्त कर दें. अकबर ने दरबारी की सलाह मानी और तुलसीदास जी को मुक्त कर दिया गया. इसके बाद सभी बंदर भी वहां से चले गए. इस प्रकार से हनुमान चालीसा की रचना हुई थी.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola