Tulsidas Jayanti 2026: तुलसीदास जी महान संत और भगवान श्रीराम के परम भक्त थे. वह 16वीं शताब्दी के महान संत थे. वह हनुमान जी की भक्ति करते थे. तुलसीदास जयंती सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है. तुलसीदास जी ने रामचरितमानस महाकाव्य, हनुमान चालीसा और कई महाकाव्य की रचना की थी. उन्होंने अकबर की कैद में रहकर हनुमान चालीसा की रचना की थी.

तुलसीदास जंयती 2026 (Tulsidas Jayanti Date)

सावन शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि का आरंभ 18 अगस्त की शाम को 5 बजकर 50 मिनट पर होगा. इसका समापन अगले दिन 19 अगस्त को रात 7 बजकर 19 मिनट पर होगा. तुलसीदास जयंती 19 अगस्त को है. गोस्वामी तुलसीदास जी ने मुश्किल परिस्थितियों में हनुमान चालीसा की रचना की थी. तुलसीदास जयंती के शुभ अवसर पर हनुमान चालीसा की रचना की कहानी के बारे में जानते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें - Shiv Ji Puja: शिव जी की पूजा के लिए क्यों खास है सोमवार? करते हैं व्रत और पूजन, लेकिन नहीं जानते होंगे ये वजह

अकबर की कैद में लिखी थी हनुमान चालीसा?

प्रचलित कहानियों के अनुसार, एक बार मुगल बादशाह अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाया था. इसके बाद अकबर ने तुलसीदास जी से चमत्कार दिखाने के लिए कहा. उनके मना करने से अकबर ने तुलसीदास जी को फतेहपुर सीकरी के कारागार में डाल दिया था. तुलसीदास जी ने अकबर की कैद में रहने के दौरान हनुमान चालीसा की रचना की थी.

---विज्ञापन---

तुलसीदास जी ने कारागार में रोजाना हनुमान जी की स्तुति की और रोजानाा एक चौपाई लिखि. इस प्रकार 40 दिनों तक अकबर की कैद में रहने के दौरान तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. लोक कथाओं के अनुसार, तुलसीदास जी के कैद में होने के दौरान 40वें दिन बंदरों ने फतेहपुर सीकरी के कारागार में हमला कर दिया. अकबर की सेना भी उन्हें नहीं रोक पाई. इसके बाद एक दरबारी ने सलाह दी कि, तुलसीदास जी को मुक्त कर दें. अकबर ने दरबारी की सलाह मानी और तुलसीदास जी को मुक्त कर दिया गया. इसके बाद सभी बंदर भी वहां से चले गए. इस प्रकार से हनुमान चालीसा की रचना हुई थी.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---