हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Temple Bell Rules: मंदिर का घंटा किसी और के लिए बजाना शुभ या अशुभ, जानें घंटा बजाने का धार्मिक महत्व और नियम

Temple Bell Rules: हिन्दू धर्म में मंदिर का घंटा पवित्रता और श्रद्धा का प्रतीक माना गया है. इसे बजाने से जुड़े कई धार्मिक नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं, मंदिर का घंटा कब और किसके लिए बजाना चाहिए?

विज्ञापन
मंदिर का घंटा कब और कैसे बजाएं, जानिए धार्मिक नियम। (फोटो क्रेडिट: AI | News24)

Temple Bell Rules: हिन्दू धर्म में मंदिर का घंटा सिर्फ धातु की चीज नहीं है. प्राचीन काल से हिन्दू संस्कृति में मंदिर के घंटे को पवित्रता और श्रद्धा से जोड़कर देखा जाता रहा है. प्रायः हर मंदिर में प्रवेश करते समय घंटा बजाना आज भी एक आम परंपरा है. बड़े-बुजुर्ग कहते हैं इसकी आवाज से नकारात्मकता दूर होती है और मन पूजा के लिए एकाग्र होता है. इसके साथ ही घंटे की गूंज वातावरण में सकारात्मक माहौल बनाने में भी मदद करती है. आइए जानते हैं, मंदिर का घंटा किसी और के लिए बजाना शुभ है अशुभ और इससे जुड़े धार्मिक नियम क्या हैं?

कब घंटा बजाना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते समय या दर्शन से ठीक पहले घंटा बजाना उचित माना जाता है. आरती के दौरान भी घंटा बजाने की परंपरा है. वहीं, मंदिर से बाहर निकलते समय या दर्शन के बाद घंटा बजाने से बचने की बात कही जाती है. रात में या मंदिर के पट बंद होने के बाद भी घंटा न बजाने की मान्यता है.

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: 53 साल से यहां सुरक्षित है नीम करोली बाबा का अस्थि कलश, फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद सामने आई अनसुनी कहानी

विज्ञापन

मंदिर में घंटा बजाने के नियम

घंटा बजाते समय कुछ सामान्य धार्मिक नियमों का ध्यान रखा जाता है:

  • इसे लगातार या बहुत तेज आवाज में नहीं बजाना चाहिए.
  • मान्यता के अनुसार घंटा 1, 2 या 3 बार शांत और साफ ध्वनि में बजाना बेहतर है.
  • धार्मिक परंपराओं में दाहिने हाथ से घंटा बजाना शुभ माना जाता है.
  • घंटा बजाते समय श्रद्धा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: Kitchen Vastu Tips: किचन में कभी खत्म न होने दें ये 3 चीजें, वरना शुरू हो सकते हैं कंगाली के दिन, जान लें बड़ा वास्तु नियम

विज्ञापन

क्या किसी और के लिए घंटा बजा सकते हैं?

यह सवाल काफी लोगों के मन में रहता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घंटा अपनी पूजा और अपनी उपस्थिति के भाव से बजाना चाहिए. इसे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए बजाने की परंपरा सामान्य रूप से नहीं मानी जाती. घंटा बजाना भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इसे मजाक या खेल-तमाशे के लिए बजाना भी उचित नहीं है.

घंटे का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि घंटे की आवाज से मंदिर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बनता है. इसकी गूंज को ‘ॐ’ की ध्वनि से भी जोड़ा जाता है. इससे मन को एकाग्र करने और पूजा पर ध्यान लगाने में मदद मिल सकती है. घंटे की ध्वनि को देवताओं के आह्वान और जागरण से जोड़ने की परंपरा भी रही है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Mala Jap Rules: माला जप करते समय तर्जनी उंगली का प्रयोग है ‘वर्जित’, जानें हिन्दू धर्म में माला जप के 4 नियम

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola