हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Teej 2024: क्या 'हरियाली' और 'हरितालिका' तीज एक ही हैं? जानें अंतर, तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

Teej 2024: हिन्दू धर्म में 5 तीज पर्व महत्वपूर्ण माने गए हैं। इनमें से हरियाली और हरितालिका तीज को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है कि क्या ये दोनों एक ही हैं या अलग-अलग? आइए जानते हैं, इन दोनों में क्या अंतर है, साल 2024 में कब मनाई जाएगी और पूजा मुहूर्त क्या है?

विज्ञापन

Teej 2024: हिन्दू पंचांग के अनुसार, हिन्दू धर्म में पूरे साल में पांच तीज बहुत महत्व रखती हैं। इनमें अक्षय तृतीया यानी आखा तीज समेत अन्य तीज हैं- गणगौर तीज, हरियाली तीज, कजरी तीज और हरितालिका तीज। इसमें हरियाली और हरितालिका तीज को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन रहता है कि क्या ये दोनों एक ही हैं या अलग-अलग? आइए जानते हैं, कौन-सी तीज कब मनाई जाती है, ‘हरियाली’ और ‘हरितालिका’ में क्या अंतर है, साल 2024 में ये कब हैं?

कौन-सी तीज कब मनाई जाती है?

  • गणगौर तीज: यह हिन्दू नववर्ष की पहली तीज है, जो चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। पश्चिम और मध्य भारत में यह तीज बहुत लोकप्रिय पर्व है।
  • आखा तीज: यह तीज अक्षय तृतीया के नाम से अधिक प्रसिद्ध है, जो वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना गया है।
  • हरियाली तीज: इस तीज का उत्सव पवित्र सावन महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। सावन के हरे-भरे महीने में मनाए जाने इस तीज को ‘श्रावणी तीज’ भी कहते है।
  • कजरी तीज: यह तीज भाद्रपद यानी भादो महीने में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसे कुंवारी लड़कियां भी करती हैं।
  • हरितालिका तीज: तीज का यह त्योहार भाद्रपद माह की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते हैं।

‘हरियाली’ और ‘हरितालिका’ तीज में अंतर

जहां तक हरियाली और हरितालिका तीज में अंतर की बात है, तो दोनों तीज अलग-अलग महीने में मनाई जाती हैं। हरियाली तीज जहां सावन महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है, वहीं हरितालिका भादो महीने में शुक्ल तृतीया को पड़ती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हरितालिका तीज का व्रत पहली बार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए किया था, जबकि हरियाली तीज 100 सालों के बाद देवी पार्वती और भगवान के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।

बता दें, हरियाली तीज का त्योहार उत्तर भारत में खासकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अधिक मनाया जाता है, जबकि हरितालिका तीज पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में विशेष रूप से मनाया जाता है। हरितालिका तीज का उत्सव गणेश चतुर्थी पर्व से एक दिन पहले होने के कारण यह महाराष्ट्र में भी होता है। वहीं, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में इसे गौरी हब्बा पर्व कहते हैं।

विज्ञापन

हरियाली और हरितालिका तीज कब है?

साल 2024 में हरियाली तीज बुधवार 7 अगस्त, 2024 को पड़ रही है, वहीं हरितालिका तीज शुक्रवार 6 सितम्बर को मनाई जाएगी। इन दोनों तीज के पूजा मुहूर्त को आप नीचे देख सकते हैं:

विज्ञापन
क्र.सं. तीज तिथि पूजा मुहूर्त
1 हरियाली तीज 7 अगस्त, 2024 ब्रह्म मुहूर्त- 04:20 AM से 05:03 AM

विजय मुहूर्त- 02:39 PM से 03:33 PM

2 हरितालिका तीज 6 सितम्बर, 2024 06:02 AM से 08:33 AM

तीज पर्व का महत्व

अक्षय तृतीया को छोड़कर सभी माता पार्वती और भगवान से संबंधित हैं। इस त्योहार को सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। मान्यता है कि तीज व्रत रखने और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करने से निसंतान महिलाओं को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। घर के सदस्य निरोग रहते हैं, पारिवारिक एकता में बढ़ोतरी होती है और साथ ही सुख, शांति और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: हर 12 साल में सीधे शिवलिंग पर गिरती है इंद्र के वज्र की बिजली, टूटकर फिर जुड़ जाते हैं महादेव

ये भी पढ़ें: पांव में धंसा तीर, सुन्न पड़ गया शरीर…इस रहस्यमय तरीके से हुई भगवान कृष्ण की मृत्यु!

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola