Swami Vivekananda: स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है. स्वामी विवेकानंद एक महान संत और समाज सुधारक के रूप में प्रसिद्ध हैं. उनका जन्म 12 जनवरी 1863, को हुआ था. स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के रूप में मनाया जाता है. उनके कई अनमोल विचार बहुत ही प्रसिद्ध हैं. “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते” यह उनका प्रेरणादायक नारा है.
उनके विचारों से धर्म का असली अर्थ क्या है यह समझ सकते हैं. उन्होंने कहा “नर सेवा ही नारायण सेवा” यानी मनुष्य की सेवा करना ही ईश्वर यानी नारायण की सच्ची सेवा के समान है, हर व्यक्ति में ईश्वर का अंश होता है. व्यक्ति को अपने जीवन में जरूरतमंद लोगों की मदद और सेवा करनी चाहिए. आप स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार यहां पढ़ सकते हैं. इससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी. आइये स्वामी विवेकानंद के अमनोल विचारों के बारे में जानते हैं.
स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार
जीव सेवा ही शिव सेवा, यानी आप जीवों की सेवा करते हैं तो वह भगवान शिव की सेवा के समान हैं. उनका मानना था कि, सभी जीवित प्राणियों में ईश्वर का वास होता है.
जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे. खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे. स्वामी विवेकानंद मानते थे कि व्यक्ति की सोच उसे प्रभावित करती है. इंसान जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है.
जब तक जीना, तब तक सीखना. अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है. स्वामी विवेकानंद का विचार था कि, इंसान जब तक जीता है तब तक सीखता है. व्यक्ति के जीवन में अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक है.
जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी. व्यक्ति जीवन में जितना संघर्ष करता है उसे उतनी ही शानदार सफलता मिलती है. आप संघर्ष और मेहनत करते हैं तो आपको इसका फल जरूर मिलता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.