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Premanand Maharaj: पूजा-पाठ करने वाले को क्यों मिलता है कष्ट? प्रेमानंद महाराज ने बताया कारण!

Premanand Maharaj: स्वामी प्रेमानंद महाराज ने एक भक्त के सवाल का जबाव देते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति अच्छे आचरण करता हुआ नाम जप करता है, तो उसको कष्ट मिलता है, वहीं गलत आचरण करने वाला सुखी रहता है। आखिर ऐसा क्यों होता है?

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Premanand Maharaj: धार्मिक गुरु आचार्य प्रेमानंद महाराज ने एक भक्त के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि आखिर क्यों नाम जप करने वाला भी दुख भोगता है। दरअसल, महाराज जी के पास एक भक्त ने प्रश्न किया कि नाप जप करते हुए भी प्रारब्ध व्यक्ति को गिरा देता है। कोशिश के बाद भी नौकरी नहीं मिलती है। इस पर प्रेमानंद महाराज ने बताया कि अगर हम नौकरी के लिए पात्र हैं और हमें नौकरी बार-बार प्रयास करने के बाद भी नहीं मिल रही है तो हमें सोचना चाहिए कि यह हमारे पिछले जन्म के कर्मों का प्रारब्ध है, लेकिन हमें बैठना नहीं चाहिए। बार-बार प्रयास करते रहना चाहिए।

अगर प्रारब्ध फेल कर रहा है तो बिजनेस करके देख लें। कुछ न हो तो आप कोई छोटी नौकरी या मजदूरी भी कर लें, लेकिन प्रयास न छोड़ें। महाराज जी ने कहा कि अगर आप पूजा-पाठ करते हैं और अच्छे आचरण से रहते हैं और फिर भी कष्ट मिल रहा है तो यह आपके पूर्व जन्म के कर्म का फल है, जो जल्द ही खत्म हो जाएगा और इस खत्म होने के बाद पुण्य फल मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सदाचारी मनुष्य को पहले कष्ट इसी कारण मिलता है, क्योंकि बाद में उसे सुख ही मिलना होता है।

बन सकते हैं अरबपति

महाराज जी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रयत्नशील है तो 100 रुपये से भी अरबपति बन सकता है। उन्होंने कहा निराश न हों और भगवान पर अविश्वास न करें।

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पापी होते हैं सफल

महाराज जी ने बताया कि कई ऐसे पापी हैं, जिनको भगवान से कोई मतलब नहीं है। वे गलत आचरण भी करते हैं, इसके बाद भी वे सफल हो रहे हैं। उनको कोई दुख नहीं है। इसका मेन कारण यह है कि अभी उनके पुण्य का प्रारब्ध चल रहा है। जब पुण्य खत्म होंगे तो दोनों जन्मों के पाप सामने आएंगे।

पूर्वजन्म का प्रारब्ध होगा खत्म

अगर आप धर्मात्मा हैं तो जब पूर्वजन्म का प्रारब्ध खत्म होगा तो सुख मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उनको भी रोज डायलिसिस होता है पर वे मौज से रहते हैं।

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महाराज जी ने खाई थी बालू

महाराज जी ने बताया कि एक बार जब वे भूख से व्याकुल हो गए तो उन्हें बालू खानी पड़ी। ऐसे भगवान परीक्षा लेते हैं, लेकिन जब आप भगवान की परीक्षा में पास हो जाते हैं तो सुख मिलने लगता है।

भक्त हो गया भावुक

प्रेमानंद महाराज जी की बात सुनकर भक्त भावुक हो गए, उन्होंने पूछा कि भगवान काफी कठिन परीक्षा लेते हैं। इसपर महाराज जी ने कहा कि दृढनिश्चय रखें। जब इस जन्म के पु्ण्य मिलेंगे तो सुख जरूर मिलेगा।

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Disclaimer: ये विचार प्रेमानंद महाराज जी की वायरल वीडियो पर आधारित हैं। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

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लेखक के बारे में

Mohit Tiwari

मोहित 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन सालों में इन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। इनको फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क के साथ ही चैनल, प्रिंट और डिजिटल माध्यम में काम करने का अनुभव है। इसके साथ ही Astroyogi  व अन्य एस्ट्रोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम कर चुके हैं। इन्होंने एस्ट्रोलॉजी का गहन अध्ययन किया हुआ है। इसके चलते पुराणों और शास्त्रों में छिपे गूढ़ रहस्यों को लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने की कोशिश भी अपने आर्टिकल्स के माध्यम से करते हैं। धर्म के साथ ही लाइफस्टाइल के भी जटिल विषयों को सरलता से पाठकों के समक्ष रखते हैं। अब News 24 के साथ जुड़कर फीचर लेखन का कार्य कर रहे हैं।
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