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Surya Grahan 2026: बस कुछ देर में लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, कुल 4 घंटे 23 मिनट के लिए छिप जाएंगे सूर्यदेव

Surya Grahan 2026: आज साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण करीब 4 घंटे 23 मिनट चलेगा. आइए जानते हैं, ग्रहण की टाइमिंग क्या है, क्या यह भारत में दिखाई देगा और दुनिया के किन हिस्सों में दिखेगा?

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Surya Grahan 2026 Today: आज साल 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. खगोलीय रूप से जब जब अपनी परिक्रमा के दौरान चंद्रमा घूमते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तो धरती पर सूर्य की रौशनी आनी बंद हो जाती हैं. इसे ही ‘ग्रहण’ कहते हैं, जिससे कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाता है. आज लगने वाला ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. जो अब से बस थोड़ी ही देर में लगने वाला है. आइए जानते हैं, क्या है ग्रहण की टाइमिंग, यह भारत में दिखेगा या नहीं और दुनिया के किन-किन हिस्सों में दिखाई देगा?

आज रात का ग्रहण

आज लगने वाले साल के आखिरी सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 23 मिनट की होगी, जब सूर्य ढक जाएगा. भारत के समय के अनुसार यह ग्रहण आज रात 9:04 PM बजे शुरू होकर आधी रात के बाद यानी 13 अगस्त की 1:28 AM बजे तक रहेगा. इस दौरान खगोलीय रूप से चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाएगा, जिससे सूर्य की रोशनी कुछ देर के लिए आनी बाधित हो जाएगी.

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क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण?

यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जब यह ग्रहण होगा, तब भारत में रात का समय होगा यानी सूर्य इस समय अस्त होंगे. इस प्रकार यह दुनिया के उन हिस्सों में दिखेगा जहां इस समय दिन होगा. नासा के मुताबिक, यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, आर्कटिक क्षेत्र, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.

सूतक मान्य होगा या नहीं?

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो ग्रहण जिस स्थान पर दिखाई नहीं देता है, वहां उसका कोई धार्मिक प्रभाव या सूतक काल नहीं माना जाता है. इसका सीधा मतलब है कि इस दौरान मंदिर खुले रहेंगे, खाने-पीने पर कोई रोक नहीं होगी, और गर्भवती महिलाओं या बुजुर्गों को किसी तरह के प्रतिबंध का पालन करने की कतई आवश्यकता नहीं है.

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यहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण

दुनिया के कुछ देशों में यह ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा यानी चंद्रमा की छाया सूर्य को पूरी तरह से ढक लेगा और धरती पर दिन में ही अंधेरा छा जाएगा. ये देश हैं: स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, उत्तरी रूस और पुर्तगाल.

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यहां लगेगा आंशिक सूर्य ग्रहण

संसार के कुछ देशों में यह सूर्य ग्रहण मात्र एक आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा पेश करेगा यानी चंद्रमा सूर्य के केवल कुछ हिस्से को ही ढकेगा, जिससे सूर्य कटा हुआ दिखाई देगा. ये देश हैं: उत्तर अमेरिका, विशेष कर उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्से, कनाडा,ब्रिटेन (यूके), फ्रांस, जर्मनी, इटली और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ देश.

हरियाली अमावस्या का संयोग

आपको बता दें कि यह सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के पावन संयोग पर लग रहा है. आप चाहें तो इस दिन स्नान, दान-पुण्य, पितृ तर्पण और पौधे लगाने जैसे सभी शुभ कार्य बिना किसी संकोच के कर सकते हैं. लेकिन सूतक के कारण नहीं, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और नैतिक कर्तव्य के रूप में.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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