Surya Dosh: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, स्वास्थ्य और परिवार में सम्मान का कारक माना जाता है। अगर कुंडली में सूर्य कमजोर या पीड़ित हो तो इसे सूर्य दोष कहते हैं। इसका असर जीवन के कई पहलुओं पर पड़ता है। काम, स्वास्थ्य और परिवार में परेशानियां लगातार महसूस होती हैं। कमजोर सूर्य व्यक्ति के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति पर भी असर डालता है।
सूर्य दोष के मुख्य लक्षण
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां: कमजोर सूर्य हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, रीढ़ की हड्डी और पित्त रोग जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। शरीर में कमजोरी और बार-बार थकान रहना भी इसके संकेत हैं।
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आंखों की समस्याएं: सूर्य नेत्र ज्योति का कारक है। कमजोर सूर्य से आंखों की रोशनी कम हो सकती है, मोतियाबिंद या ग्लूकोमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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हड्डियों और जोड़ों में कमजोरी: बार-बार फ्रैक्चर, जोड़ दर्द और विटामिन डी की कमी भी सूर्य दोष के लक्षण हैं।
मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास: व्यक्ति में सुस्ती, आलस्य, निर्णय न लेने की असमर्थता और हीन भावना का बढ़ना आम है।
सामाजिक और पारिवारिक असर: पिता के साथ मतभेद, समाज में मान-सम्मान में कमी और घर में नकारात्मक ऊर्जा महसूस होना।
करियर और प्रशासनिक बाधाएं: सरकारी नौकरी या पदोन्नति में देरी, प्रशासनिक कामों में बार-बार रुकावट।
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सूर्य दोष का असर
सूर्य दोष केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। यह घर और कामकाज की ऊर्जा पर भी असर डालता है। घर में रोशनी की समस्या, तांबे की वस्तुएं खोना, या लगातार छोटी-छोटी बाधाएं इसका संकेत हैं।
सूर्य दोष से मुक्ति के असरदार उपाय
- सुबह सूर्योदय पर तांबे के लोटे में जल लें, उसमें लाल फूल और गुड़ मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।
- 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का प्रतिदिन जाप करें।
- पिता या पिता समान व्यक्तियों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
- रविवार को गेहूं या गुड़ का दान करें।
- रविवार को नमक का त्याग करना भी लाभकारी है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.