Pradosh Vrat 2026: आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होने से प्रदोष व्रत रखा जाएगा. सोमवार को होने से यह सोम प्रदोष व्रत होगा. प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा की जाती है यह सोमवार को पड़ने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है. यह प्रदोष व्रत विक्रम संवत 2082 का आखिर प्रदोष व्रत होगा. सोम प्रदोष व्रत पर आप महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना कर सकते हैं. शिव जी को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद मिलेगा और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी.

सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

आज द्वादशी तिथि सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगी इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा. प्रदोष व्रत के लिए उदयातिथि नहीं बल्कि, प्रदोष काल के समय जो तिथि होती है उसका महत्व होता है. ऐसे में यह व्रत आज मान्य होगा. प्रदोष व्रत की पूजा विधि का मुहूर्त शाम को 6 बजकर 30 मिनट से लेकर रात को 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. आज प्रदोष व्रत पर शिव, सिद्ध, शुभ और अमृत चार शुभ योग बन रहे हैं.

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प्रदोष व्रत पूजा विधि

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. सुबह शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें. पूरे दिन भगवान शिव का ध्यान करें और उपवास रखें. प्रदोष व्रत पर शाम की पूजा का महत्व होता है. शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें. शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और चंदन आदि अर्पित करें. दीपक जलाएं और भगवान शिव को मिठाई का भोग लगाएं. शिव जी के मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.

प्रदोष व्रत पर करें महादेव के इन मंत्रों का जाप

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं

ॐ नमः शिवाय

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः

ॐ ऐं ह्रीं शिव-गौरीमय-ह्रीं ऐं ॐ

ॐ नमो धनदाय स्वाहा

शिवजी रुद्र मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.