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Sharad Purnima 2024: शरद पूर्णिमा को इस समय धरती पर भ्रमण करती हैं मां लक्ष्मी, इन 3 उपायों से करें प्रसन्न!

Sharad Purnima 2024: हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को धन-धान्य का वरदान देती हैं। आइए जानते हैं, माता लक्ष्मी पृथ्वी पर कब आती हैं, किन लोगों पर प्रसन्न होती हैं और क्या उपाय करने से वे प्रसन्न होती हैं?

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Sharad Purnima 2024: साल की सभी पूर्णिमा तिथियों में श्रेष्ठ और विशेष फलदायी मानी गई शरद पूर्णिमा आज बुधवार 16 अक्टूबर को मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात एक दिव्य रात होती है और चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इस पूर्णिमा को रास पूर्णिमा और कौमुदी पूर्णिमा भी कहा गया है। इस दिन नव विवाहित जोड़ों के लिए कोजागरी पूजा का भी विधान भी मिलता है।

मान्यता है दिवाली से पहले शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करने निकलती हैं। भक्तों के घर में वास करती हैं और उन्हें धन-धान्य का वरदान देती हैं। वे जिन पर मेहरबान होती हैं, ऐसे लोगों के घर में कभी गरीबी नहीं आती है। क्या आप जानते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी किस वक्त आती हैं? आइए जानते हैं, माता लक्ष्मी पृथ्वी पर कब आती हैं, किन लोगों पर कृपा बरसाती हैं और क्या उपाय करने से वे प्रसन्न होती हैं?

धरती पर अब आती हैं मां लक्ष्मी

भगवान विष्णु के तीसरे अवतार को समर्पित वराह पुराण में दो देवी-देवताओं के धरती पर भ्रमण के समय के बारे में स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इस ग्रंथ में बताया गया है कि शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक प्रदोष काल में भगवान शिव पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं। फिर संध्या काल में लगभग 7 बजे से रात 9 बजे के बीच माता लक्ष्मी भ्रमण पर निकलती हैं।

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इन लोगों के घर नहीं जाती हैं देवी लक्ष्मी

मान्यता है कि जब मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं, तो अकेले नहीं आती हैं। उनके साथ दरिद्रता भी आती हैं, जो उन्हीं का नकारात्मक और अशुभ स्वरूप है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, जिन लोगों के मुख्य द्वार पर हमेशा गंदगी रहती है। मां लक्ष्मी उनके घर कभी प्रवेश नहीं करती हैं।

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यह भी कहा जाता है कि जो लोग सूर्योदय के बाद भी सोते रहते हैं, उनके यहां भी देवी लक्ष्मी का वास कभी नहीं होता है। ग्रंथों में बताया गया है कि इन दोनों तरह के लोगों के घर लक्ष्मी की जगह देवी दरिद्रता प्रवेश करती हैं और जिससे खुशियों और सुख-संपन्नता पर ग्रहण लग जाता है।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय

घर मुख्य दरवाजे पर करें ये काम: शरद पूर्णिमा के दिन घर और मुख्य दरवाजे की विशेष साफ-सफाई करें। मुख्य द्वार पर सुगंधित जल का छिड़काव कर आकर्षक रंगोली बनानी चाहिए। इस रंगोली के इर्दगिर्द 5, 7, 9 या 11 दीपक जलाना चाहिए। बता दें, मां लक्ष्मी स्वच्छ और रोशनी से भरपूर घर में वास करती हैं।

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श्रीयंत्र की स्थापना: शरद पूर्णिमा की दिव्य रात को घर के पूजास्थल या मंदिर में माता लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो की विधिवत पूजा कर उनकी बायीं ओर श्रीयंत्र की स्थापना करें। इसके बाद माताजी को 5 या 7 पीली कौड़ियां अर्पित करें। अगले दिन इन सभी कौड़ियों को एक लाल कपडे में लपेट कर घर या दुकान की तिजोरी में रख दें।

यहां जलाएं चौमुखी दीया: शरद पूर्णिमा की रात घर की उत्तर दिशा में घी, सरसों या चमेली के तेल का एक चौमुखी दीया जलाएं। मान्यता है कि इस दिशा में दीया जलाने से घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इस दिशा के स्वामी भगवान कुबेर हैं, जिनपर मां लक्ष्मी का विशेष अनुग्रह है। इस उपाय से वे भी प्रसन्न होकर धन बरसाते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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