हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती आज, जानें शनिश्चरी अमावस्या का महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

Shani Jayanti 2026: देशभर में आज 16 मई 2026, वार शनिवार को शनि जयंती मनाई जा रही है, जिसे देश के कई राज्यों में शनिश्चरी अमावस्या और शनि अमावस्या के नामों से भी जाना जाता है. चलिए विस्तार से जानते हैं शनिश्चरी अमावस्या के महत्व, पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि आदि के बारे में.

विज्ञापन
Credit- AI Gemini

Shani Jayanti 2026: शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन, संघर्ष और मोक्ष आदि का देवता माना जाता है, जिनका जन्म प्राचीन काल में ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को हुआ था. इस तिथि पर हर साल शनि के जन्मोत्सव के रूप में शनि जयंती मनाई जाती है, जिसे शनिश्चरी अमावस्या और शनि अमावस्या भी कहा जाता है. इस बार आज 16 मई 2026, वार शनिवार को शनि जयंती मनाई जा रही है. मान्यता है कि आज के दिन शनि देव की पूजा करना और व्रत रखना शुभ होता है. इससे शनि देव के आशीर्वाद से जीवन में खुशी, सुख, समृद्धि, सफलता, अच्छी सेहत, वैभव और ऐश्वर्या आदि का वास होता है. इसके अलावा शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया का भी प्रभाव कम होता है.

यहां पर आप शनि जयंती यानी आज शनि देव की पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में जान पाएंगे.

शनि जयंती 2026 की तिथि का समय

  • अमावस्या तिथि शुरू: आज 16 मई 2026 को सुबह 5:11 मिनट पर
  • अमावस्या तिथि समाप्त: कल 17 मई 2026 को रात 1:30 मिनट पर

ये भी पढ़ें- Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर शनिपूजा में न करें ये 10 गलतियां, सालभर रहेंगे परेशान

विज्ञापन

शनि जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:07 से 04:48
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:50 से दोपहर 12:45
  • गोधूलि मुहूर्त- शाम में 07:04 से 07:25
  • निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:38

शनि जयंती की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी स्नान आदि कार्य करने के बाद काले या नीले रंग के कपड़े पहनें.
  • शनि मंदिर जाएं और शनि देव की पूजा करें.
  • व्रत का संकल्प लेने के बाद शनि देव की मूर्ति के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं. फिर उन्हें फल, फूल, कपड़े, सरसों का तेल, काले तिल और दाल आदि पूजा सामग्री अर्पित करें.
  • मंत्र जाप करने के बाद शनि देव की आरती करें.
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें और वृक्ष के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • जरूरतमंदों को दान दें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं.
  • शाम को सूर्यास्त के बाद शनि देव की फिर से पूजा करने के बाद व्रत खोलें.

ये भी पढ़ें- Shani Jayanti 2026: शनि जयंती से स्टार्ट होगा इन 5 राशियों का गोल्डन टाइम, सूर्य-बुध की युति से बनेगा बुधादित्य राजयोग

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola