Gemstone: सावन का महीना महादेव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है. सावन महीने में सोमवार व्रत, कांवड़ा यात्रा करने और रुद्राभिषेक करने से लाभ मिलते हैं. सावन के महीने रत्न धारण करने से भी कई लाभ मिलते हैं. आप सावन में शिव जी को प्रिय मोती रत्न धारण कर सकते हैं. मोती रत्न को शिव जी से संबंधित माना जाता है. भगवान शिव के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित है और मोती चंद्रमा से संबंधित है. ऐसे में यह बहुत ही शुभ माना जाता हैं.
मोती रत्न धारण करने के लाभ (Moti Ratna Benefits)
मोती रत्न का संबंध चंद्रमा से होता है. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है. मानसिक शांति के लिए मोती रत्न धारण करना बेहद शुभ माना जाता है. तनाव कम करेन और क्रोध पर काबू के लिए यह रत्न धारण कर सकते हैं. सावन महीने मोती रत्न धारण करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. यह कुंडली में चंद्रमा की स्तिथि को मजबूत करता है. महादेव की कृपा पाने और संकटों से मुक्ति के लिए मोती रत्न धारण करें.
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मोती रत्न धारण करने के नियम (Moti Ratna Wearing Rules)
आप सावन महीने में सोमवार के दिन मोती रत्न धारण कर सकते हैं. सोमवार का दिन महादेव को समर्पित है. ऐसे में यह दिन बेहद शुभ माना जाता है. मोती रत्न को चांदी की धातु में जड़वाकर इसकी अंगूठी पहन सकते हैं. आप सोमवार के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद मोती रत्न की अंगूठी को गाय के दूध में भिगोकर रखें.
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गाय के दूध से निकालने के बाद इसे शुद्ध जल से साफ करें और भगवान शिव के चरणों में रख दें. आप 'ॐ श्राम श्रीम श्रोम सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का जाप करते हुए मोती रत्न धारण करें. इससे चंद्र दोष दूर होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. मानसिक शांति पाने और तनाव को दूर करने के लिए यह रत्न बहुत ही शुभ माना जाता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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