Vedic Mantra: सुबह उठने के बाद फर्श पर पांव रखने से पहले पढ़ें ये 2 मंत्र, दिन भर ऊर्जा कवच करेगा आपकी रक्षा!

Vedic Mantra: सुबह को शुभ और सकारात्मक बनाने के लिए ईश्वर का सुमिरन, प्रार्थना, मंत्र जाप, और माता-पिता व गुरु की वंदना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये आदतें दिनभर ऊर्जा, शांति और सफलता प्रदान करती हैं। विशेष रूप से, दो शक्तिशाली मंत्रों का स्मरण दिन की शुरुआत को प्रभावी बनाता और ऊर्जा कवच की तरह काम करता है। आइए जानते हैं, ये 2 मंत्र कौन-से हैं?

Vedic-Mantra-Shakti

Vedic Mantra: सुबह को शुभ और पूरे दिन को फलदायी बनाने के लिए लोग कई काम करते हैं। इनमें ईश्वर का सुमिरन, प्रार्थना, मंत्र जाप, माता, पिता और गुरु की वंदना और चरण स्पर्श सबसे सबसे अहम माने गए हैं। सुबह की ये आदतें हमारे दिन को सकारात्मक ऊर्जा और सफलता से भर देती हैं। यह हमारी मानसिकता को स्थिर और लक्ष्य की ओर केंद्रित रखने में सहायक होती हैं। यहां दो ऐसे मंत्रों की चर्चा की गई है, बिस्तर छोड़ने के पहले ही पढ़ा और स्मरण किया जाता है। ये बड़े ही शक्तिशाली और असरकारी मंत्र हैं।

विज्ञापन

मंत्र ऊर्जा बनाते हैं सुरक्षा आवरण का घेरा

यहां जिन 2 मंत्रों की बात की गई, उनके बारे में कहा जाता है, यदि इन दोनों मंत्रों को बिस्तर छोड़ने के पहले पूरी निष्ठा, शुचिता, समर्पण और एकाग्रता से उच्चारण किया जाता है, तो ये शक्तिशाली मंत्र अपनी ऊर्जा से सुरक्षा आवरण का घेरा बनाते हैं। सुबह में इन मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह सुरक्षा का घेरा बनाकर मन और शरीर को संरक्षित रखते हैं।

विज्ञापन

करदर्शनम मंत्र

सनातन धर्म में ‘करदर्शनम मंत्र’ सुबह उठते ही सबसे पहले और बिस्तर पर ही पढ़ा जाता है। यह मंत्र आत्मबल में वृद्धि करता है, जिससे पूरा दिन संचालित होता है। यह देखा गया है कि इस मंत्र के असर से पूरा दिन सुचारु रूप से संपन्न होता है। हमारे हाथ कर्म के कर्ता-धर्ता हैं। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, मनुष्य के हाथों में 3 देवी-देवताओं का निवास होता है। धन के देवी लक्ष्मी, विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती और भाग्य लिखने विधाता ब्रह्मा का निवास हाथों में माना गया है।

विज्ञापन

“कराग्रे वसति लक्ष्मीः, करमध्ये सरस्वती। करमूले तू ब्रह्मा, प्रभाते कर दर्शनम्॥”
Karagre Vasati Lakshmih, Karamadhye Saraswati. Karamoole Tu Brahma, Prabhate Karadarshanam.

करदर्शनम मंत्र के अनुसार, हाथ के अगले भाग में लक्ष्मी, बीच में सरस्वती और हथेली की जड़ के पास ब्रह्मा का स्थान होता है। मान्यता है कि सुबह उठते ही हथेली के अगले भाग, मध्य स्थान और निचले भाग एकाग्रता से देखते हुए इस मंत्र का जाप करते करना चाहिए। कहते हैं कि मंत्र का उच्चारण करते समय हम ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ते हैं और उसका लाभ उठाते हैं। 3, 5 या 11 बार इस मंत्र का नियमित जाप दिन भर मन और तन को सकारात्मक बनाए रखता है।

विज्ञापन

भूमि देवी वंदना

हमारी संस्कृति में धरती माता को पूजनीय देवी के रूप में माना गया है। धरती हमें भोजन, पानी और रहने की जगह देती है, इसलिए धरती माता का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हिन्दू धर्म की एक मान्यता के अनुसार, सुबह जब हम भूमि या फर्श पर पैर रखते हैं, तो उस समय हमें एक दोष लगता है। इसलिए फर्श पर पांव रखने से पहले ‘भूदेवी वंदना मंत्र’ पढ़ते हैं। इस दोष से मुक्ति के लिए पैर रखने से पहले भूमि देवी की वंदना करने और क्षमा मांगने की परंपरा है। यह मंत्र है:

“समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले। विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्वमे॥”
(Samudravasane Devi Parvatastanamandale. Visnupatni Namastubhyam Padasparsham Kshamasvame.)

विज्ञापन

भूमि देवी वंदना मंत्र हमें दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ करने में मदद करता है। यह हमें नम्र बनाता है और हमें याद दिलाता है कि हम प्रकृति का एक छोटा सा हिस्सा हैं। साथ ही यह भी मान्यता है कि यह हमें नम्र बनाता है और हमें याद दिलाता है कि हम प्रकृति का एक छोटा सा हिस्सा हैं।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ