Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा ने हनुमान चालीसा की हर पंक्ति को बताया महामंत्र, जानें उनके अनमोल विचार!

Neem Karoli Baba: आधुनिक भारत के महान संत नीम करौली बाबा के बारे कहा जाता है कि वे न केवल एक ‘सिद्ध पुरुष’ थे, बल्कि वे एक त्रिकाल ज्ञानी भी थे। उन्होंने हनुमान चालीसा की हर पंक्ति को महामंत्र बताया है। आइए जानते हैं, नीम करौली बाबा के अनमोल विचार।

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Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा, जिन्हें नीब करौरी बाबा के नाम से भी जाना जाता है, आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली संतों में से एक हैं। उनका सादगी भरा जीवन, सेवा और भक्ति का संदेश और चमत्कारों ने उन्हें भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लाखों लोगों के दिलों में बसा दिया। यही कारण है कि उन पर पर जनता की अगाध श्रद्धा है। उनकी लोकप्रियता देश की सीमा से परे है और उनके अनुयायियों में न केवल भारतीय बल्कि बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल हैं। प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक और आध्यात्मिक शिक्षक राम दास, पूर्व में रिचर्ड अल्पर्ट, एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स जैसे कई प्रभावशाली व्यक्तित्व बाबा के प्रति श्रद्धा रखते हैं।

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सेवा और भक्ति को बनाया जीवन का उद्देश्य

नीम करोली बाबा का जीवन बेहद सादा था। कहते हैं, उनकी सादगी में एक दिव्यता थी, जो उनके संपर्क में आता था, अभिभूत हो जाता था। उन्होंने भौतिक सुखों से दूरी बनाए रखते हुए, सेवा और भक्ति को अपने जीवन का केंद्र बनाया। बाबा सेवा और भक्ति को सर्वोपरि मानते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में असंख्य लोगों की सेवा की और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। उनका कहना था, ‘सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो और भगवान को याद करो।’

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भगवान हनुमान के अवतार

नीम करोली बाबा के लिए कहा जाता है कि वे भगवान हनुमान के अवतार थे। उन्होंने अपने जीवन में हनुमान जी की भक्ति और सेवा को सबसे अधिक प्रमुखता दी। बाबा ने देश के कई स्थानों पर हनुमान मंदिरों की स्थापना की, जिनमें उत्तराखंड के कैंची धाम का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है। बाबा के अनुयायियों का मानना है कि वे हनुमान जी की ऊर्जा और कृपा को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करते थे। उनके नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम आश्रम में दिन-रात लोगों का तांता लगा रहता है।

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हनुमान चालीसा की हर पंक्ति है महामंत्र

नीम करोली बाबा का पूरा जीवन चमत्कारों से भरा है। उनके जीवन में कई घटनाएं ऐसी थीं, जिनमें उन्होंने हनुमान चालीसा के पाठ के माध्यम से असंभव को संभव बना दिया। कहते हैं की संकट की घड़ी में बाबा ने हनुमान चालीसा का पाठ कर अद्भुत चमत्कार किए थे, बीमारों को स्वस्थ किया था, प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की रक्षा की थी। बाबा ने हनुमान चालीसा को एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठित किया। उनका मानना था कि हनुमान चालीसा की हर पंक्ति में अनंत ऊर्जा और चमत्कारिक शक्ति निहित है। वे इसे केवल एक स्तुति पाठ नहीं, बल्कि एक महामंत्र मानते थे। नीम करोली बाबा कहते थे, ‘हनुमान चालीसा का पाठ करो, यह तुम्हारे जीवन की हर समस्या का समाधान है।’ उन्होंने कहा है कि हनुमान चालीसा केवल शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि ईश्वर तक पहुंचने का एक सशक्त साधन है।

त्रिकाल ज्ञानी थे बाबा

वर्तमान भारत के एक प्रसिद्ध संत ने स्वामी चिदानंद ने नीम करोली बाबा के बारे में लिखा है कि नीब करोरी बाबा उत्तर भारत के अद्भुत रहस्यवादी संत शिरोमणि थे। वे लिखते हैं कि बाबा न केवल एक ‘सिद्ध पुरुष’ थे, बल्कि वे एक त्रिकाल ज्ञानी भी थे यानी उनको भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों काल का ज्ञान था।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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