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माता सीता नहीं राम जी की मां का रावण ने सबसे पहले किया था अपहरण, आनंद रामायण में वर्णित है कथा

Ramayan Katha In Hindi: क्या आप जानते हैं कि माता सीता के हरण से पहले रावण ने श्रीराम की माता यानी रानी कौशल्या का अपहरण किया था? यदि नहीं, तो चलिए आनंद रामायण में वर्णित उस रोचक कारण के बारे में जानते हैं, जिसके चलते रावण ने रानी कौशल्या का अपहरण किया था.

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Credit- News24 Graphics

Ramayan Katha In Hindi: रावण ने माता सीता का अपहरण किया था, इस बारे में तो अधिकतर लोगों को पता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता सीता का अपहरण करने से पहले रावण ने भगवान श्रीराम की मां यानी रानी कौशल्या का अपहरण किया था? ये बात पढ़ने में आपको अजीब लग सकती है, लेकिन आनंद रामायण में वर्णित यह एक सत्य घटना है. महाकाव्य रामायण के प्रसिद्ध संस्करण ‘आनंद रामायण’ में बताया गया है कि रावण ने क्यों रानी कौशल्या का अपहरण किया था. चलिए जानते हैं इस रहस्यमय कथा के बारे में.

रावण को था रानी कौशल्या के पुत्र से भय

आनंद रामायण के अनुसार, रानी कौशल्या को माता अदिति का अवतार माना जाता है, जिनका विवाह उनके पिता राजा सुकौशल ने अपने मित्र राजा दशरथ से तय किया था. राजा सुकौशल ने जब रानी कौशल्या और राजा दशरथ के विवाह की घोषणा की, तो उसी समय लंकापति रावण को एक भविष्यवाणी सुनाई दी कि उसकी मृत्यु रानी कौशल्या के पुत्र द्वारा होगी.

रावण ने इसलिए किया था देवी कौशल्या का अपहरण

हालांकि, इससे कई साल पहले ब्रह्मा जी ने रावण को बता दिया था कि राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र द्वारा उसकी मृत्यु होगी. इसी वजह से रावण ने शादी वाले दिन रानी कौशल्या का अपहरण किया और उन्हें एक संदूक में डालकर सुनसान द्वीप में तिमिंगल नामक मछली के मुंह में छिपा दिया.

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राजा दशरथ और रावण के बीच हुआ था युद्ध

राजा दशरथ को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने रावण से युद्ध करने का ऐलान कर दिया. हालांकि, युद्ध के बीच राजा दशरथ चुपके से सुनसान द्वीप पर पहुंचे और मछली के मुंह से संदूक को निकाल रानी कौशल्या को बचा लिया. गौरतलब है कि कई प्रयास के बाद भी रावण विधि का विधान बदल नहीं पाए और उनकी मृत्यु रानी कौशल्या और राजा दशरथ के पुत्र भगवान राम द्वारा हुई.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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