Premanand Maharaj Pravachan: सनातन धर्म में व्यक्ति के कर्मों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति जीवनभर बुरे कर्म करता है, उसे मरने के बाद अपने कर्मों का प्रायश्चित करने के लिए नरक जाना पड़ता है। वहीं जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उन्हें मरने के बाद स्वर्ग का सुख मिलता है। प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कई बार बताया है कि मानव जीवन में किए गए कर्मों के आधार पर ही ये निश्चित होता है कि मरने के बाद व्यक्ति स्वर्ग जाएगा या उसे नरक में अपने पापों का प्रायश्चित करना होगा। हालांकि कर्मों के अलावा व्यक्ति के चरित्र के आधार पर भी उसे मरने के बाद सजा दी जाती है।
इस समय सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो उस एक नरक के बारे में बता रहे हैं, जहां व्यक्ति तब जाता है, जब वो एक ही समय में दो लोगों के साथ प्यार का नाटक करता है। चलिए विस्तार से जानते हैं उसी नरक के बारे में।
पार्टनर को धोखा देने की क्या है सजा?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, जो व्यक्ति एक समय पर दो लोगों से प्यार का नाटक करता है, उसे मरने के बाद रौरव नरक में जाना पड़ता है। वहीं जो लोग अपने पार्टनर या जीवनसाथी के अलावा किसी पराए मर्द या स्त्री को देखते हैं या उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं, उन्हें भी रौरव नरक में कठिन दंड का सामना करना पड़ता है।
रौरव नरक में कैसी सजा दी जाती है?
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि रौरव नरक 36 नरक का ही एक प्रकार है। रौरव नरक की लम्बाई और चौड़ाई 24 हजार किलोमीटर के आसपास है। यहां पर यमदूत द्वारा उस व्यक्ति को गर्म लोहे की स्त्री व आदमी संग आलिंगन (गले लगाना) करवाया जाता है, जो अपने पार्टनर को धोखा देता है। इसी के साथ उन्हें जलते हुए अंगारों पर लंबे समय तक दौड़ाया जाता है। इस प्रकार वो अपने कर्मों का प्रायश्चित करते हैं।
एकांतिक वार्ता भी करते हैं प्रेमानंद महाराज
संत श्री प्रेमानंद महाराज भगवान कृष्ण और राधा रानी के परम भक्त हैं। बाब का वृंदावन में ‘राधा केली कुंज’ नामक आश्रम है। जहां से बैठे-बैठे वो प्रवचन देते हैं। प्रवचन के दौरान प्रेमानंद महाराज हिंदू धर्म से जुड़े नियम और उपायों को सरल भाषा में बताने का प्रयास करते हैं। इसी के साथ वो आश्रम में आए लोगों से एकांतिक वार्ता भी करते हैं। जहां बड़े से बड़े उद्योगपति, सेलिब्रिटी और क्रिकेटर आते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।