Future Predictions: जब बात भविष्य जानने की आती है, तो हम ज्योतिषियों या कंप्यूटर मॉडल्स के बारे में सोचते हैं. लेकिन प्रकृति के कुछ अनोखे जीवों ने तो इस मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. जर्मनी के एक्वेरियम में रहने वाला ऑक्टोपस हो या भारत की सड़कों पर पिंजरे में बैठा तोता, इन जीवों की सटीक भविष्यवाणियों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. इनकी सफलता की दर इतनी रही कि वैज्ञानिक इसे संयोग कहते रह गए लेकिन लोग इन्हें चमत्कार मानते रहे और यह आज भी मान्य है. आइए जानते हैं, भविष्यवाणी करने वाले अजीबो-गरीब जीवों के बारे में, जिसमें ऑक्टोपस, तोता, बिल्ली, ऊंट, हाथी, उदबिलाव से गिनी पिग तक शामिल हैं.
पॉल का जादू
इंसान सदियों से आसमान के तारों से लेकर हथेली की लकीरों तक अपना कल पढ़ने की कोशिश करता रहा है. लेकिन प्रकृति ने कुछ जीवों को ऐसी रहस्यमयी क्षमता दे दी जिसने बड़े-बड़े विशेषज्ञों की हवा निकाल दी. जर्मनी के एक्वेरियम में रहने वाले ऑक्टोपस की भविष्यवाणियां याद हों या भारतीय सड़कों पर पिंजरे में बैठे तोते का कार्ड चुनना—दुनिया इस खेल को संयोग कहती रही और ये जीव अपनी सटीकता की इबारत लिखते रहे. आइए अलग-अलग मुलाकात करते हैं इन अनोखे भविष्यवक्ताओं से.
इंसान सदियों से भविष्य जानने की कोशिश करता आया है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे जीव भी हुए जिन्होंने अपनी कथित भविष्यवाणियों से लोगों को हैरान कर दिया. कभी ऑक्टोपस ने फुटबॉल मैचों के नतीजे बताए, तो कहीं तोते और बिल्ली ने लोगों का ध्यान खींचा. विज्ञान इन्हें संयोग मानता है, लेकिन इनकी लोकप्रियता हमेशा चर्चा में रही.
पॉल ऑक्टोपस
जर्मनी के ओबरहाउज़ेन सी-लाइफ एक्वेरियम का पॉल ऑक्टोपस 2010 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान दुनियाभर में मशहूर हुआ. उसके सामने दो टीमों के झंडों वाले बक्से रखे जाते थे और वह जिस बॉक्स को चुनता, उसी टीम को विजेता माना जाता. पॉल ने लगातार कई मैचों के सही नतीजे बताए, जिनमें स्पेन-नीदरलैंड फाइनल भी शामिल था. उसकी सफलता ने लोगों को चौंका दिया.
पंक्सुटॉनी फिल
अमेरिका का ग्राउंडहोग ‘पंक्सुटॉनी फिल’ मौसम की भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है. हर साल 2 फरवरी को वह अपनी बिल से बाहर निकलता है. मान्यता है कि यदि वह अपनी परछाई देख ले, तो सर्दी लंबी चलेगी. यह परंपरा 1887 से चली आ रही है और आज भी हजारों लोग इसे देखने पहुंचते हैं.
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भारत के भविष्यवक्ता तोते
भारत में तोते से भविष्य बताने की परंपरा काफी पुरानी है. ज्योतिषी कई कार्ड सामने रखते हैं और प्रशिक्षित तोता उनमें से एक कार्ड चुनता है. उसी के आधार पर व्यक्ति के भविष्य की बातें बताई जाती हैं. दक्षिण भारत में यह परंपरा ‘किली जोसियर’ के नाम से प्रसिद्ध है.
सिंगापुर का मनी तोता
2010 वर्ल्ड कप के दौरान सिंगापुर का ‘मनी’ नामक तोता भी चर्चा में रहा. यह कार्ड चुनकर मैचों के नतीजे बताता था. इसी तरह मलेशिया की ‘मीना कुट्टी’ नाम की तोते ने भी कई सही भविष्यवाणियां कर लोगों को हैरान किया.
फ्लावरहॉर्न ‘चाणक्य’ मछली
चेन्नई की ‘चाणक्य’ नामक फ्लावरहॉर्न मछली क्रिकेट मैचों की भविष्यवाणियों के लिए मशहूर हुई. उसके सामने टीमों के प्रतीक वाले खाने रखे जाते थे और वह जिस तरफ जाती, उसी टीम की जीत मानी जाती थी.
मार्कस सूअर
ब्रिटेन का ‘मार्कस’ नामक सूअर खेलों के साथ राजनीतिक घटनाओं की भविष्यवाणी के लिए चर्चा में रहा. वह अलग-अलग विकल्पों में से सेब चुनता था और उसके कई अनुमान सही साबित हुए.
अकिलीज बिल्ली
रूस की सफेद बहरी बिल्ली ‘अकिलीज़’ 2018 फीफा वर्ल्ड कप में लोकप्रिय हुई. उसके सामने दो कटोरे रखे जाते थे और वह जिस कटोरे से खाना खाती, उसी टीम को विजेता माना जाता था.
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ताईयो उदबिलाव
जापान का उदबिलाव ‘ताईयो’ 2022 वर्ल्ड कप में सुर्खियों में आया. उसने जापान की जर्मनी पर ऐतिहासिक जीत का सही अनुमान लगाकर लोगों को चौंका दिया.
कैमिला ऊंटनी
यूके की ऊंटनी ‘कैमिला’ ने भी 2022 वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के मैचों की भविष्यवाणियां कर चर्चा बटोरी.
हैरी मगरमच्छ
ऑस्ट्रेलिया का ‘हैरी’ मगरमच्छ 2010 के चुनावों के दौरान मशहूर हुआ. उम्मीदवारों की तस्वीरों वाले खाने में से उसने जिस विकल्प को चुना, वही बाद में विजेता बना.
मैडम शिवा गिनी पिग
स्विट्जरलैंड की गिनी पिग ‘मैडम शिवा’ ने 2014 वर्ल्ड कप के दौरान कई मैचों के नतीजों का सही अनुमान लगाया.
जेला हाथी
जर्मनी की हथिनी ‘जेला’ भी फुटबॉल मैचों के नतीजों को लेकर चर्चा में रही. हालांकि उसकी भविष्यवाणियां हमेशा सही नहीं रहीं, लेकिन उसने लोगों का खूब मनोरंजन किया.
क्या कहता है विज्ञान?
हालांकि ये सारी घटनाएं बेहद रोमांचक लगती हैं, लेकिन वैज्ञानिक इन्हें केवल संयोग मानते हैं. उनके अनुसार, ये जीव झंडों के रंग, पैटर्न या अपने प्रशिक्षकों के छिपे इशारों पर प्रतिक्रिया देते हैं. लेकिन विज्ञान चाहे जो कहे, क्योंकि जब कोई ऑक्टोपस लगातार 8 मैचों का सही नतीजा बता दे, तो उसे महज इत्तेफाक कहना थोड़ा मुश्किल तो हो ही जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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