हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

Pitrupaksh 2024: मातृनवमी कब है? इस दिन क्यों की जाती है महिला पितरों की पूजा?

Pitrupaksh 2024: पितृपक्ष की नवमी तिथि को कुल के दिवंगत महिलाओं का पिंडदान किया जाता। मान्यता है कि मातृनवमी के दिन महिला पितरों का श्राद्ध करने से इनकी आत्मा को शांति मिलती है।

विज्ञापन

Pitrupaksh 2024: इस साल पितृ पक्ष 17 सितंबर 2024 से शुरू होने जा रहा है। पुराणों के अनुसार पितृपक्ष के दौरान सबसे पहले अपने पितरों की पूजा करनी चाहिए। पितृपक्ष के दौरान पितरों की पूजा से देवता भी प्रसन्न होते हैं। वैसे तो पितृपक्ष के दौरान सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है लेकिन हिन्दू पुराणों में पितृपक्ष की नवमी तिथि का एक विशेष महत्व है। इस  तिथि को माताओं,बहनों और मृत बेटियों का श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इस साल मातृनवमी कब है और इसका क्या महत्व है?

कब है मातृनवमी?

इस साल मातृनवमी 25 सितम्बर को मनाई जाएगी। पितृपक्ष की नवमी तिथि 25 सितम्बर को दोपहर 12 बजकर 10 से शुरू होकर अगले दिन 26 सितम्बर को 12 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी।

मातृ नवमी का महत्व

हिन्दू धर्म में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके। पितृपक्ष की नवमी तिथि महिला पितरों को समर्पित माना जाता है। मातृ नवमी को यदि कोई अपने मृत माता,बहन या बेटी का श्रद्धा पूर्वक श्राद्ध करता है  तो उसे शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि को घर की कोई महिला यदि महिला पूर्वजों के निमित पूजा करती है या अन्न-जल दान करती है तो घर घर की सुख-समृद्धि बढ़ती है।

ये भी पढ़ें-Pitru Paksha 2024: तर्पण करने से पहले इन 5 के लिए जरूर निकालें खाना, जानें खाने से जुड़े नियम

मातृ नवमी श्राद्ध विधि

मातृ नवमी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर महिला पितरों का श्राद्ध करें। श्राद्ध करते समय इस बात का ध्यान रखें की मुख दक्षिण दिशा कि ओर हो। श्राद्ध के समय महिला पितरों की फोटो भी अवश्य रखें। श्राद्ध करते समय फोटो पर फूल-माला चढ़ाएं और काले तिल के तेल का दीपक भी जलाएं। दीपक जलाने के बाद पितरों को तुलसी पत्ता और गंगाजल भी अर्पित करें। इस दिन श्राद्ध सम्पन्न होने के बाद भागवत गीता का पाठ भी जरूर करें। पाठ हो जाने के बाद पितरों को भोजन परोसें और भोग लगाने के बाद उस भोजन कौआ,चींटी या गाय को खिला दें।

ये भी पढ़ें-Pitru Paksha 2024: पितृपक्ष में भूल से भी न खरीदें ये 3 चीजें, पितृदोष बढ़ने से हो सकते हैं कंगाल!

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें