Pitru Paksha 2026: कितनी पीढ़ियों के पूर्वज माने जाते हैं पितृ? पितरों का तर्पण करने पहले जरूर जान लें ये बात

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध और पिंडदान करते हैं. पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है. पितृ किन्हें कहते हैं और कितनी पीढ़ियों तक श्राद्ध कर सकते हैं आइये इसके बारे में जानते हैं.

Untitled design

पितृ पक्ष 2026 (Pic Credit - AI)

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं. पितृ पक्ष में कितनी पीढ़ियों तक के पूर्वजों का श्राद्ध करना चाहिए. इसको लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल होता है. पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के लिए कितनी पीढ़ी तक के पूर्वजों का श्राद्ध किया जा सकता है. कितनी पीढ़ी के पूर्वजों को पितृ मानते हैं. आइये इसके बारे में यहां जानते हैं.

विज्ञापन

कितनी पीढ़ी के पूर्वज होते हैं पितृ?

धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण के अनुसार, तीन पीढ़ियों के पूर्वजों को पितृ माना जाता है. इन तीन पीढ़ियों में पिता, पितामह और प्रपितामह होते हैं. पिता, दादा और परदादा की पीढ़ी के पूर्वजों का श्राद्ध कर्म कर सकते हैं. पितृ पक्ष के दौरान अपने इन पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना अच्छा होता है. पितृ पक्ष में तीन पीढ़ियों तक का श्राद्ध करना धार्मिक दृष्टि से अच्छा होता है. हालांकि, कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सात पीढ़ियों तक के पितरों के श्राद्ध की बात कही गई है. ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.

विज्ञापन

पितृ पक्ष 2026

पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध के साथ हो चुकी है. अब 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा. इन दिनों पूर्णिमा, प्रतिपदा, द्वितीया से लेकर अमावस्या तिथि तक के श्राद्ध पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के दिन कर सकते हैं. पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण पुत्र, पौत्र, भांजा और भतीजा कर सकते हैं. पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करने से उनका आशीर्वाद मिलता है. जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिलती है.

विज्ञापन

पितृ पक्ष में जरूर करें श्राद्ध

पितृ पक्ष के दौरान तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य करना बेहद शुभ होता है. पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए श्राद्ध के दिन भोजन बनाकर ब्राह्मण को भोजन कराएं. ब्रह्माण को भोजन कराने के बाद दक्षिणा और वस्त्र दें. इसके साथ ही पंचबलि श्राद्ध कर्म करें. पंचबलि श्राद्ध के लिए भोजन का हिस्सा निकालकर गाय, कुत्ते, कौवे, देव और चींटी को खिलाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ