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Pitra Paksha 2026: आज एक ही दिन पड़ रहा चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध, जानिए किस समय करें पितरों का तर्पण?

Pitra Paksha 2026: आज पितृ पक्ष की चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ रहने वाली है. ऐसे में दोनों तिथियों का श्राद्ध एक दिन पड़ रहा है. आज किस समय पितरों का श्राद्ध और तर्पण करें आइये जानते हैं.

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आज है चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध (Pic Credit - AI)

Pitra Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान पूर्णिमा तिथि से लेकर अमावस्या तिथि पर अलग-अलग दिनों पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा के दिन हो गया था. अब 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितृ पक्ष का समापन होगा. इस बीच प्रतिपदा से लेकर चतुर्दशी तक के सभी श्राद्ध किए जाएंगे. पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के दिन ही उनका श्राद्ध किया जाता है. कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों तिथियों के लिए एक ही दिन तिथि पर किया जाता है.

एक ही पड़ रहे हैं दो श्राद्ध

29 सितंबर की शाम को 5 बजकर 9 मिनट पर चतुर्थी तिथि का आरंभ हो गया है. यह तिथि 30 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगी. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी. पंचमी तिथि का समापन 1 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर हो रहा है. इस दिन श्राद्ध का मुख्य समय दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा. ऐसे में पंचमी तिथि का श्राद्ध भी एक दिन पहले 30 सितंबर को किया जाएगा.

ये भी पढ़ें – Pitru Paksha 2026: कितनी पीढ़ियों के पूर्वज माने जाते हैं पितृ? पितरों का तर्पण करने पहले जरूर जान लें ये बात

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चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध के लिए समय

चतुर्थी तिथि के श्राद्ध के लिए 30 सितंबर को समय दोपहर 01 बजकर 22 मिनट से 03 बजकर 45 मिनट पर तक रहेगा. इस दौरान श्राद्ध कर सकते हैं. बता दें कि, पितरों का श्राद्ध करने के लिए दोपहर का समय उत्तम माना जाता है. 30 सितंबर को 2 बजकर 56 मिनट तक चतुर्थी तिथि रहेगी. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी. श्राद्ध के लिए अपराह्न काल दोपहर 3 बजकर 45 मिनट तक रहेगा. आप पंचमी तिथि लगने के बाद से लेकर अपराह्न काल के अंत तक पंचमी का श्राद्ध कर सकते हैं.

श्राद्ध कर्म में पंचबलि

चतुर्थी और पंचमी तिथि को मृत्यु को प्राप्त हुए पूर्वजों का श्राद्ध आज कर सकते हैं. पितरों का श्राद्ध करने के साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराएं. इसके साथ ही श्राद्ध कर्म में पंचबलि अवश्य देनी चाहिए. पंचबलि में भोजन के कुछ हिस्से को पांच जीवों को खिलाना चाहिए. पंचबलि के लिए गाय, कुत्ते, कौए, देवता तथा चींटियों को भोजन अर्पित करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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