पापों का नाश कर मोक्ष देनेवाली पापमोचनी एकादशी कल, नोट कर लें पारण टाइम, भूल से भी न करें ये गलतियां

पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह व्रत पापों से मुक्ति पाने और जीवन में पुण्य का संचय करने का एक अद्भुत अवसर है। आइए जानते हैं, इस एकादशी का पारण टाइम क्या है और क्या गलतियां करने से बचनी चाहिए?

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चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति पाने और आत्मशुद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस वर्ष पापमोचिनी एकादशी का व्रत 25 मार्च को यानी कल मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की उपासना की जाती है, जिससे जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है।

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यह दिन व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने के साथ-साथ उसे पुण्य लाभ भी प्रदान करता है। आइए जानते हैं, पापमोचिनी एकादशी का पारण टाइम क्या है और इस व्रत के दौरान क्या गलतियां करने से बचनी चाहिए?

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झूठ बोलने से बचें

इस दिन व्रत करने वाले साधकों को झूठ बोलने से पूरी तरह से बचना चाहिए। झूठ बोलने से मां लक्ष्मी भी नाराज हो जाती हैं, जो व्रती के जीवन में दरिद्रता ला सकती हैं।

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वाणी पर नियंत्रण रखें

पापमोचिनी एकादशी के दिन किसी भी प्रकार का झगड़ा या विवाद न करें। साथ ही, किसी के साथ भेदभाव करना भी सही नहीं है। सभी के साथ सम्मानजनक और स्नेहपूर्ण व्यवहार करें।

काले कपड़े न पहनें

इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इस दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से संबंधित लाल और पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

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साहचर्य से दूर रहें

पापमोचिनी एकादशी के दिन व्रत करने वाले स्त्री-पुरुष को साहचर्य नहीं करना चाहिए। व्रती को इस दिन संयमित जीवन जीना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

तामसिक भोजन और मदिरा से दूर रहें

पापमोचिनी एकादशी का दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता का है, इसलिए इस दिन तामसिक भोजन, जैसे मांसाहार, प्याज, लहसुन, मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

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इस दिन करें ये काम

साफ-सफाई का ध्यान रखें: पापमोचिनी एकादशी की पूजा की स्थान को स्वच्छ रखना बेहद जरूरी है। घर और पूजा स्थल की सफाई से वातावरण शुद्ध होता है और पूजा का प्रभाव अधिक होता है।

दान और मदद करें: पापमोचिनी एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का विशेष महत्व है। इस दिन दान देना पुण्य का कार्य माना जाता है। दान देने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं और पुण्य अर्जित होता है।

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पापमोचनी एकादशी का पारण टाइम

पंचांग के अनुसार, इस बार पापमोचनी एकादशी के व्रत तोड़ने का समय यानी पारण टाइम 26 मार्च, 2025 को दिन में 01:41 PM से 04:8 PM के बीच में है। वहीं जहां तक पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने के समय की बात है, यह 09:14 AM है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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