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Paan Supari Puja: भगवान की पूजा में सुपारी-पान क्यों है जरूरी? कैसे जुड़ा है इससे सुख-समृद्धि का संबंध; जानें

Paan Supari Puja: पूजा में पान और सुपारी का खास धार्मिक महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इनके अर्पण से सुख-समृद्धि और शुभता जुड़ी होती है. आइए जानते हैं, ये भाग्यशाली राशियां कौन-सी हैं?

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पूजा में पान-सुपारी अर्पित करना शुभ माना गया है. (फोटो क्रेडिट: AI | News24)

Paan Supari Puja: क्या आपने कभी सोचा है कि हिन्दू धर्म की किसी भी पूजा, अर्चना, उपासना, व्रत, त्योहार, मांगलिक कार्य में पान का पत्ता और छोटी सी सुपारी क्यों शामिल होती है? चाहे कोई छोटा हवन हो, सत्यनारायण की कथा या फिर शादी-विवाह जैसा बड़ा मांगलिक कार्य- बिना पान और सुपारी के हर पूजा अधूरी मानी जाती है. हिन्दू धर्म पान-सुपारी का अर्पण, सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण भी है. आइए जानते हैं, कैसे एक पत्ता देवताओं का वास स्थान बन जाता है और कैसे सुपारी भाग्य चमकाने की ताकत रखती है?

पान का महत्व

हिन्दू धर्म की मान्यता है कि पान के पत्ते में सभी देवी-देवताओं का वास होता है, लेकिन इससे विशेष रूप से 5 देवताओं का संबंध है:

इंद्र देव – पान के पत्ते के ऊपरी भाग में इंद्र देव का स्थान होता है.
मां सरस्वती – पत्ते के मध्य में मां सरस्वती निवास करती हैं.
मां लक्ष्मी – पान के पत्ते के नीचे वाले भाग में मां लक्ष्मी का वास होता है.
भगवान विष्णु – पत्ते के भीतर हिस्से में भगवान विष्णु रहते हैं.
भगवान शिव – पान के पत्ते के बाहरी हिस्से में भगवान शिव का वास है.

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सबसे पहले समुद्र देव को अर्पित हुआ पान

पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय सबसे पहले समुद्र देव की पूजा में पान के पत्ते का इस्तेमाल किया गया था. इसलिए पान को अत्यंत पवित्र माना जाता है. इसका हरा रंग ताजगी, जीवन और समृद्धि का प्रतीक है. पूजा में भगवान को पान का पत्ता अर्पित करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता आती है.

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सुपारी का महत्व

सुपारी में भगवान गणेश का वास बताया गया है. यह दृढ़ता और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए किसी भी पूजा की शुरुआत में सुपारी रखकर ही गणेश जी का आह्वान किया जाता है, क्योंकि बिना उनके आशीर्वाद के कोई भी कार्य सफल नहीं होता है. सुपारी की कठोरता इस बात का प्रतीक है कि मनुष्य को अपने भीतर के अहंकार और बुराइयों को भगवान के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए.

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पान-सुपारी से सुख-समृद्धि

मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ भगवान को पान-सुपारी अर्पित करता है, उसके घर में मां लक्ष्मी का वास होता है. पान में मां लक्ष्मी का वास माना गया है और सुपारी में भगवान गणेश का, इसलिए यह दोनों मिलकर घर में सुख, शांति और धन-धान्य लाते हैं. पान-सुपारी का दान करना भी पुण्यकारी माना गया है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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